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राजस्थान में डॉलर-यूरो में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के मास्टरमाइंड लोकेश चौधरी व एक अन्य मुख्य आरोपी धीरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पुलिस ने सूरत से गिरफ्तार किया है। चौधरी ने साल 2022 में वीआईपी ट्रेडिंग कंपनी बनाई थी। जिसके जरिए व

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अजमेर एसपी वंदिता राणा ने बताया कि कुछ समय पहले किशनगढ़ में वीआईपी ट्रेड करके फर्जी कंपनी मल्टीलेवल इन्वेस्टमेंट टाइप की बनाई थी। इसमें कई पीड़ित लोगों से पैसे इकट्ठे किए गए और बाद में इसके फाउंडर फरार हो गए। इस मामले में करीब 31 मुकदमे किशनगढ़, मदनगंज, गांधीनगर थाने में दर्ज हुए थे। इसमें दो मुख्य आरोपी फरार चल रहे थे। टीम ने कार्रवाई करते हुए लोकेश चौधरी और धीरज को सूरत से गिरफ्तार किया है। पिछले कुछ समय से टीम लगातार दोनों आरोपियों का पीछा कर रही थी। दोनों के ऊपर 25-25000 का इनाम भी घोषित था।

दिखाने के लिए कंपनी बनाई, कोई रजिस्ट्रेशन नहीं

एसपी राणा ने बताया- दोनों ने वीआईपी ट्रेड के नाम से कंपनी बनाई थी। सिर्फ यह दिखाने के लिए कंपनी थी। इस नाम से कोई कंपनी रजिस्टर्ड नहीं थी। दोनों आरोपी इस कंपनी के फाउंडर थे। दोनों ने लोगों को झांसा देने के लिए प्रेजेंटेशन क्रिएट किया था। दोनों आरोपियों ने महीने में 8 से 12% का ब्याज देने और कुछ सालों में दुगने ब्याज देने का झांसा दिया था। सिक्योरिटी के रूप में खाली चेक और या जमीन के कागज लेते थे। ज्यादातर ट्रांजैक्शन कैश में किया करते थे। दोनों आरोपियों ने बिटकॉइन्स का उपयोग भी किया था। टॉप पर लोकेश काम कर रहा था। फाइनेंस का काम धीरज देख रहा था। दोनों आरोपी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और नॉर्थ के सभी स्टेटस में फरारी काट रहे थे। एक डेढ़ साल से दोनों आरोपी एक्टिव थे।

पुलिस अब तक चार आरोपी गिरफ्तार कर चुकी है। शेष अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस अब तक चार आरोपी गिरफ्तार कर चुकी है। शेष अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

समझाइश कर दर्ज करवाए थे मामले

एसपी वंदिता राणा ने बताया कि जब पुलिस के पास मामला सामने आया तो लोगों को समझाइश कर मुकदमे दर्ज करवाए थे। इसके बाद दोनों फरार हो गए थे। पहला मुकदमा फरवरी में दर्ज हुआ था। 10 से 15 करोड़ से ज्यादा का मामला है। दोनों आरोपियों से रिकवरी को लेकर पूछताछ की जा रही है। राणा ने बताया- बाइनेंस करके वॉलेट है, क्रिप्टोकरंसी का। उसमें इन्वेस्ट करने की जानकारी दी है। फेक वेबसाइट आरोपियों के द्वारा क्रिएट की गई थी। जिसमें पीड़ितों को उनकी राशि और इन्वेस्टमेंट दिखाई देता था। साथ ही उसमें मुनाफा के अभी झांसा देते थे। अधिकतर ट्रांजैक्शन कैश में हुआ था।

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राजस्थान में डॉलर-यूरो में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के मास्टरमाइंड लोकेश चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी किशनगढ़ (अजमेर) से सोमवार रात को हुई है। चौधरी ने साल 2022 में वीआईपी ट्रेडिंग कंपनी बनाई थी। जिसके जरिए वो लोगों को जल्द कमाई का झांसा देकर फंसाता था। लोकेश चौधरी पॉलिटिक्स में भी हाथ आजमा चुका है। पूरी खबर पढें

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राजस्थान के किशनगढ़ में डॉलर-यूरो में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के मास्टरमाइंड लोकेश चौधरी और रामदयाल चौधरी कुछ साल पहले तक साधारण जिंदगी जी रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)

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