सवाई माधोपुर में चौथ का बरवाड़ा उपखंड क्षेत्र में स्थित ईसरदा बांध से अब लोगों को पानी मिलने की आस बंधी है। इस बांध से 1256 गांवों के लोगों को पीने का पानी मिलेगा।
इसके लिए ईसरदा बांध में पानी रोकने का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए लंबे समय का इंतजार अब खत्म हो चुका है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बांध में पानी रोके जाने का कार्य शुरू हो गया है। यह कार्य कई चरणों में 15 सितंबर तक चलेगा।

ईसरदा बांध में कुल 28 ऑटोमेटिक गेट है, 30 जुलाई से बांध में पानी रोकने का कार्य शुरू हो चुका है। इसके बाद लगातार पानी रोका जा रहा है।
बीसलपुर बांध के ओवरफ्लो पानी का मिलेगा फायदा बीसलपुर बांध से अभी जो पानी ओवरफ्लो होकर व्यर्थ बह रहा है। उसे ईसरदा बांध में रोका जा रहा है। बीसलपुर बांध के ओवरफ्लो होने का फायदा ईसरदा बांध को भी मिल रहा है। इस परियोजना में दौसा एवं सवाई माधोपुर के 1256 गांव के साथ 6 शहरों को फायदा मिलेगा।

2021 में पूरा होना था काम सरकार ने साल 2004 में ईसरदा बांध का निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। साल 2008 में 40 करोड़ की लागत से इस डैम का निर्माण कार्य शुरू किया गया। जिसके बाद कई सालों तक इस बांध का निर्माण कार्य अधूरा रहा। 2017 में 1038 करोड़ रुपए बांध निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए। जिसका कार्य फिर से शुरू किया गया। यह कार्य साल 2021 तक पूरा होना था, लेकिन कोरोना एवं अन्य समस्या के चलते इस बांध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।

साल 2025 में लगभग पूरा हुआ काम इस साल 2025 में बांध का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। जिसके बाद बांध में पानी इकट्ठा किया जा रहा है। इस बांध की भराव क्षमता 253 आरएल मीटर है, जो अधिकतम 262 मीटर तक भरा जा सकता है। बांध में 10.77 टीएमसी पानी को संग्रहित किया जा सकता है। इस बांध का पानी पीने के उपयोग में ही दिया जाएगा।

सरकार ने इस साल से ईसरदा बांध में पानी रोकने की अनुमति दी है।
15 सितंबर के बाद प्रेशर की होगी टेस्टिंग जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार पानी रोकने का प्रथम चरण 15 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान रोजाना 0.6 आरएल मीटर पानी रोका जाएगा। डेढ़ महीने के दौरान बांध को 253 आरएल मीटर की क्षमता तक भरा जाएगा। जिसके बाद ईसरदा बांध में पानी रोकने एवं अन्य कार्यों के लिए प्रेशर की टेस्टिंग की जाएगी।

ईसरदा बांध में पानी रोकने जाने से लोगों को पानी मिलने की आस जगी है।
30 जुलाई से शुरू हो चुका पानी रोकने का काम ईसरदा बांध में कुल 28 ऑटोमैटिक गेट है। जिसके जरिए 30 जुलाई से बांध में पानी रोकने का कार्य शुरू हो चुका है। इस समय बीसलपुर बांध से पानी बनास नदी में व्यर्थ बह रहा है। बांध का 1 गेट गेट नंबर 9 को 10 सेंटीमीटर खोलकर प्रति सेकेंड 601 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जिसके चलते पूरा पानी व्यर्थ में बह रहा है।
इस साल केवल पानी रोका जाएगा ईसरदा बांध में इस साल केवल पानी ही रोका जाएगा। बांध से पानी का वितरण बाद में किया जाएगा। पानी रोकने के साथ ही इसके वितरण को लेकर भी जल्द ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस बांध का डाउनस्ट्रीम 90 किलोमीटर तक फैला रहेगा।

बांध में पानी भर कर 15 सितंबर तक टेस्टिंग की जाएगी ईसरदा बांध परियोजना के XEN विकास गर्ग ने बताया कि प्रथम फेज का ईसरदा बांध पूर्ण रूप से बनकर तैयार है और राज्य सरकार की पानी रोकने की मंजूरी मिल गई है। ईसरदा बांध में पानी रोकने के कार्य शुरू हो चुका है। 15 सितंबर तक इस बांध में पानी भर कर टेस्टिंग की जाएगी। हम रोज 0.6 टीएमसी पानी रोकेंगे। 15 सितंबर तक पूर्ण भराव क्षमता 253 टीएमसी पानी तक ले जाया जाएगा।
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