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महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
धौलपुर के ऐतिहासिक महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा। मंगला आरती के बाद मंदिर के गर्भगृह में दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं।
सैंपऊ महादेव मंदिर पर सावन के अंतिम सोमवार को 60 युवाओं की टोली 61 डोली की कावड़ को लेकर पहुंची। जहां ग्रामीणों की मौजूदगी में युवाओं की टोली में महादेव का जलाभिषेक किया। हजारों श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ को गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर जलाभिषेक किया। सोरों और हरिद्वार से आए कांवड़ियों ने भी विशेष पूजा-अर्चना की। कांवड़ यात्रा कर पहुंचे भक्तों की उपस्थिति से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए मंदिर परिसर और आसपास विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। इनमें प्रसाद और भोजन श्रद्धापूर्वक वितरित किया गया। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से भंडारे में भाग लिया। महादेव मंदिर के अलावा चोपड़ा मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर और भूतेश्वर मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। फोर व्हीलर वाहनों को बायपास और मुख्य सड़क मार्ग पर ही रोका गया।
धौलपुर जिले में स्थित यह प्राचीन महादेव मंदिर श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि मंदिर के गर्भगृह में स्थित शिवलिंग स्वयंभू है, जिसका आदि और अंत ज्ञात नहीं है। यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। हर साल मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। फाल्गुन माह में महाशिवरात्रि पर यहां आठ दिवसीय लक्खी मेले का आयोजन होता है। जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार इस वर्ष सावन के हर सोमवार को भक्तों की बड़ी संख्या देखी गई, लेकिन अंतिम सोमवार को यह संख्या कई गुना अधिक रही। प्रशासन और मंदिर समिति के अनुसार यह अब तक की सबसे अधिक उपस्थिति में से एक रही।
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