जयपुर में लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन की पोल खोल दी है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन सबसे खराब हालात एशिया की सबसे बड़ी मंडी ज्योतिबा फुले टर्मिनल मार्केट (मुहाना मंडी, सांगानेर) के हैं। यहां कई दुकानों और व्यापारिक प्रत
मंडी परिसर की सीवर लाइन लंबे समय से चोक है और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ठप हो चुका है। यही वजह है कि हर साल मानसून में तहखानों में पानी भर जाता है। व्यापारी बताते हैं कि इस कारण उनकी दुकानों की नींव जर्जर होती जा रही है और भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

मुहाना मंडी में पूरे रास्ते में नाली का पानी भरा है, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सालों से अनसुनी हो रही मांग
जयपुर फल एवं सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष योगेश तंवर ने बताया- इस समस्या को लेकर वे लगातार प्रशासन और अधिकारियों को ज्ञापन देते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। केवल फौरी कार्रवाई की जाती है, जबकि असल समस्या जस की तस बनी रहती है।
उन्होंने बताया- हम लंबे समय से मंडी प्रशासन से नालियों के पुनर्निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। यदि ड्रेनेज लाइन और नालियों को सही तरीके से बनाया जाए तो तहखानों में पानी भरना बंद हो जाएगा। लेकिन अभी तक हमारी मांगों को नजरअंदाज किया गया है, जिससे व्यापारी वर्ग में भय और रोष व्याप्त है।

मंडी में पानी भरने के कारण प्लेटफॉर्म पर रखी सब्जियां खराब हो रही है।
मजदूरों और किसानों के लिए भी खतरा
व्यापारी संघ का कहना है कि दुकानों में न सिर्फ व्यापारी बल्कि उनके कर्मचारी, मजदूर और किसान भी रहते हैं। तहखानों में लगातार पानी भरने से किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है। यही कारण है कि मंडी व्यापारी प्रशासन से तुरंत ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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