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अमेरिका में डंकी रूट से जाने वाले भारतीयों को हथकड़ी-बेड़ियां लगाकर वापस भेजा गया था। ​सीकर सांसद अमराराम के सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय ने यह माना है।

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इसमें बताया गया है कि 5 फरवरी को अमेरिका से लौटाए गए भारतीयों में महिलाओं तक को हथकड़ियां लगाकर भेजा गया था। महिलाओं से इस तरह के व्यवहार पर विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के सामने चिंता जताई थी।

सांसद को मिला है लिखित जवाब

जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया- निर्वासन (देश निकाला) अभियान के दौरान डिपोर्ट किए गए लोगों के साथ मानवीय व्यवहार के संबंध में विदेश मंत्रालय अमेरिकी पक्ष के साथ संपर्क में रहता है।

निर्वासित लोगों के साथ किए गए व्यवहार, विशेष रूप से महिलाओं पर बेड़ियों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के सामने चिंता दर्ज कराई थी।

यह सोशल मीडिया पर पोस्ट किए वीडियो का स्क्रीन ग्रैब है। इसमें प्लेन में चढ़ते लोगों के पैरों में चेन बंधी हुई थीं। ये फोटो फरवरी 2025 में सामने आई थीं।

यह सोशल मीडिया पर पोस्ट किए वीडियो का स्क्रीन ग्रैब है। इसमें प्लेन में चढ़ते लोगों के पैरों में चेन बंधी हुई थीं। ये फोटो फरवरी 2025 में सामने आई थीं।

15 फरवरी बाद महिला या बच्चे को बंधन में नहीं रखा गया

अमेरिका ने पुष्टि की है कि 15 फरवरी 2025 के बाद भारत पहुंचने वाली निर्वासन उड़ानों में किसी भी महिला या बच्चे को बंधन में नहीं रखा गया।

विदेश मंत्रालय को बाद की उड़ानों में निर्वासित लोगों पर बंधनों (बेड़ियों) के इस्तेमाल के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। अमेरिका ने हाल ही में वाणिज्यिक उड़ानों और यात्री चार्टर सेवाओं से भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया है।

अमेरिका केवल गैरकानूनी रूप से घुसने वालों को ही डिपोर्ट कर रहा है

विदेश राज्य मंत्री ने सवाल के जवाब में बताया- 20 जनवरी 2025 से अमेरिकी प्रशासन ने व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के नेतृत्व में कई देशों के लिए निर्वासन अभियान चलाए।

अमेरिका केवल उन्हीं व्यक्तियों को निर्वासित कर रहा है, जिन्हें अमेरिकी इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

यदि कोई नागरिक विदेश में अवैध रूप से रहता हुआ पाया जाता है तो उसे वापस लेना सभी देशों का दायित्व है। यह उनकी राष्ट्रीयता के सत्यापन के अधीन है। यह केवल भारत द्वारा अपनाई गई नीति नहीं है। यह अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में एक सर्वमान्य सिद्धांत है।

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए अवैध अप्रवासी 5 फरवरी को गुजरात पहुंचे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं।

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए अवैध अप्रवासी 5 फरवरी को गुजरात पहुंचे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं।

अवैध रूप से बाहर भेजने वालों का गैरकानूनी नेटवर्क

मंत्री ने कहा- अवैध प्रवास अक्सर गैरकानूनी गतिविधियों के एक नेटवर्क से जुड़ा होता है। भारत सरकार गैर कानूनी रूप से लोगों को बाहर भेजने वाले नेटवर्क की पहचान करने और उसे खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें बेईमान एजेंट, मानव तस्करी रैकेट में शामिल अन्य आपराधिक तत्व शामिल हैं।

बुरे हालात में अमेरिका से किया गया था डिपोर्ट

5 फरवरी 2025 को अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों को लेकर US मिलिट्री का C-17 प्लेन पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था। इन लोगों के पैर में चेन बांधी गई थी, जबकि हाथ भी बेड़ियों में जकड़े हुए थे।

अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल चीफ माइकल बैंक ने अपने X हैंडल पर इसका वीडियो शेयर किया था। टेक्सास के सेंट एंटोनियो एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इन्हें ऐसी हालत में ही मिलिट्री प्लेन में चढ़ाया था।

वहां से भारत आने के बीच 40 घंटे का सफर इन लोगों ने बेड़ियों में जकड़े हुए ही तय किया। कुछ लोगों ने मीडिया को बताया कि उन्हें प्लेन में एक जगह बैठे रहने को कहा गया था।

उन्हें वॉशरूम तक नहीं जाने दिया गया। जब लोगों ने बहुत जोर दिया तो प्लेन का क्रू अपने साथ वॉशरूम तक लेकर गया और दरवाजा खोलकर अंदर धकेल दिया।

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