नागौर नगर परिषद के सभागार में गुरुवार को साधारण सभा की बैठक में पार्षद ने सभापति के पति पर काली स्याही फेंक दी। पिछले दिनों हुए पार्षदों के इस्तीफे के प्रकरण को लेकर सभापति नीतू बोथरा और विरोधी गुट के पार्षदों के बीच तनातनी हो गई थी। फिलहाल स्याही फे
बात इतनी बढ़ गई कि विरोधी गुट के पार्षद भरत टांक व मनीष कच्छावा और पार्षद नवरत्न बोथरा के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। इसी बीच पार्षद भरत टांक ने शहर में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर हुए पार्षदों की स्थिति मामले में सभापति के पति पार्षद नवरत्न बोथरा पर काली स्याही फेंक दी।

स्याही फेंके जाने के बाद पार्षद नवरत्न बोथरा।
मीटिंग में ही दोनों पक्ष मारपीट पर उतारू हो गए। इसी बीच वरिष्ठ पार्षदों ने बीच बचाव कर दोनों को अलग-अलग किया।
पहले से आशंका थी-हंगामा होगा
आज नागौर नगर परिषद की साधारण सभा के हंगामेदार होने का पहले से ही अनुमान था। इस कारण से कार्यवाहक आयुक्त एसडीएम गोविंद सिंह भींचर ने पुलिस सुरक्षा मांग ली थी।
नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक कोतवाली और सदर थाना पुलिस के साथ ही आरएसी के जवानों की तैनाती के बीच संपन्न हुई।
नवरत्न बोथरा बोले- मुझे कमजोर करना चाहते हैं
घटना के बाद नवरत्न बोथरा ने कहा- बोर्ड की मीटिंग का संचालन बोर्ड के बहुमत के आधार पर होता है। अपनी बात कहने का अधिकार सभी को है। कुछ पार्षद विकास कार्य बाधित करने में लगे हैं। इनमें कुछ कांग्रेस के पार्षद है और कुछ बीजेपी के, जो मुझे कमजोर करना चाहते हैं।
वे काम बाधित कर रहे हैं। उसी की परिणति है आज की ये घटना। स्याही फेंकने से बोर्ड की गरिमा भंग हुई है। मीटिंग में विवाद हो जाता है, आरोप-प्रत्यारोप चलते हैं। लेकिन पार्षद भरत टांक का काम दुर्भाग्य पूर्ण है। भरत टांक हों या फिर कोई भी पार्षद हो। गरिमा बरकरार रहनी चाहिए।
हालांकि सभी एजेंडे बहुमत से पास हो गए हैं। इस्तीफा देने वाले 24 में से 3 पार्षदों ने इस्तीफा वापस ले लिया है। आज के मुद्दे पर जिलाध्यक्ष संज्ञान लेंगे।

सभापति मीतू बोथरा ने कहा- कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सभापति मीतू बोथरा ने पति पार्षद नवरत्न बोथरा पर स्याही फेंकने के मामले को लेकर कहा- ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह सदन की गरिमा को भंग करने को कोशिश का मामला है। सदन में साढ़े 4 साल में पहली बार कुछ पार्षदों का व्यवहार ऐसा देखा है।
सफाई का बहाना, सभापति पर निशाना…

आरोपी पार्षद भरत टांक ने हंगामा किया। इसके बाद सभापति के पति पार्षद नवरत्न बोथरा पर स्याही फेंक दी।
पार्षदों ने डाक से भेजे थे इस्तीफे
बता दें कि लंबे समय से सभापति के विरोधी पार्षदों का गुट मुखर रहा है। नगर परिषद के 24 पार्षदों ने पहले ईमेल और फिर डाक के जरिए सभापति मीतू बोथरा को इस्तीफे भेजे थे। इस्तीफे भेजने वालों में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद शामिल थे।
सभापति के विरोधी गुट ने 9 जून को कलेक्टर के समक्ष सभापति मीतू बोथरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन भाजपा आलाकमान की समझाइश के बाद भाजपाई पार्षद 27 जून को अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा में शामिल नहीं हुए थे। जिस वजह से अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।
27 जून को ही विरोधी गुट के पार्षदों ने इस्तीफे देने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उसी दिन पार्षदों ने मौके पर ही कार्यवाहक ईओ से इस्तीफों को वेरिफाई करवा लिया था। नियमानुसार पार्षदों के इस्तीफे सभापति को ही सौंपे जा सकते हैं, लेकिन उस दिन के पार्षदों की सभापति से मुलाकात नहीं हो सकी। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव गिरने के 12 दिन बाद 24 पार्षदों ने सभापति को भारतीय डाक सेवा के जरिए इस्तीफे भेज दिए।
इस्तीफा देने वाले 24 पार्षदों में उपसभापति सदाकत सुलेमानी, पार्षद शोभा कंवर भाटी, अजीजुदीन अंसारी, जावेद खान, तौफीक खान, नौशाद बागवान, सरोज ओड, सायदा बानो, अफरोज जहां, चंद्रकांता सोनगरा, शिवरी देवी, कैलाशी मेघवाल, सरीन बानो, अजहरुद्दीन, आसी देवी, बसंती, केकई, जगदीश रामपाल कुरड़िया, मुजाहिद इस्लाम, आरिफा बानो, भजन सिंह, धर्मेंद्र पंवार और पायल गहलोत शामिल थे।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments