☜ Click Here to Star Rating


भरतपुर कलेक्ट्रेट में कार्यरत UDC की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने UDC के दोस्त पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया है।

.

आरोप है कि युवक अपने एक दोस्त से रुपए मांगता था। दोस्त ने रुपए देने के बहाने उसे बुलाया और ड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। उसने तड़पते हुए पत्नी को भी फोन किया था और कहा था- ये लोग मुझे मार डालेंगे।

परिजनों ने युवक को अस्पताल पहुंचाने वाले आरोपी दोस्त को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। मामला हलैना थाना इलाके का बुधवार शाम 7 बजे का है।

SHO रामावतार मीणा ने बताया- महेश सिंह (33) पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी पुष्प वाटिका कॉलोनी की संदिग्धावस्था में मौत हुई है। परिजनों ने गुरुवार को उसके दोस्त विश्वेंद्र और अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया है।

इसमें जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया है।

महेश का गुरुवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया।

महेश का गुरुवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया।

4 महीने पहले हुई थी दोस्ती महेश के जीजा मनदीप सिंह ने बताया कि महेश कलेक्ट्रेट में UDC के पद पर तैनात था। हलैना थाना इलाके के मुड़िया साद गांव के रहने वाले विश्वेंद्र सिंह से उसकी दोस्ती थी। दोनों की दोस्ती हुए 4 महीने ही हुए थे।

दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया की जरिए हुई थी। दोनों में दोस्ती इतनी बढ़ गई कि महेश ने विश्वेंद्र को लाखों रुपए उधार दे दिए। कितने दिए थे, इस बारे में महेश को ही मालूम है।

RBM अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर मौजूद परिजन। आरोप है कि दोस्त ने उसे जहर दिया है।

RBM अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर मौजूद परिजन। आरोप है कि दोस्त ने उसे जहर दिया है।

आरोप- ड्रिंक में जहर मिलाकर पिलाया जीजा ने आरोप लगाते हुए कहा- बुधवार शाम विश्वेंद्र का महेश के पास फोन आया था। विश्वेंद्र ने महेश से कहा कि वह उधार दिए रुपए लेने के लिए मुड़िया साद गांव आ जाए। महेश अपनी गाड़ी लेकर मुड़िया साद गांव की तरफ चला गया।

जीजा का दावा है कि वहां पर महेश को विश्वेंद्र और अरविंद मिले थे। वे उसके साथ गाड़ी में बैठकर अमोली टोल प्लाजा की तरफ चले गए। वहां पर दोनों ने महेश को ड्रिंक में मिलाकर जहरीला पदार्थ दे दिया। काफी देर तक महेश अमोली टोल प्लाजा के पास ही तड़पता रहा।

हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत जीजा मनदीप ने बताया- महेश ने फोन पर जो बात प्रिया को बताई, इसके बारे में प्रिया ने अपने ससुर (महेश के पिता) राजेंद्र सिंह को बताया। तब राजेंद्र सिंह ने महेश को फोन किया तो पता चला कि महेश को लेकर विश्वेंद्र आरबीएम अस्पताल पहुंच रहा है। इसके बाद परिजन RBM अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही महेश की मौत हो चुकी थी।

इस दौरान महेश को अस्पताल लाने वाले विश्वेंद्र ​​​​​​को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

दो साल पहले ही हुई थी शादी मनदीप सिंह ने बताया- महेश के पिता राजेंद्र सिंह आर्मी से रिटायर्ड हैं। मां हरदेई हाउसवाइफ हैं। महेश की शादी प्रिया से 2 साल पहले ही हुई थी। महेश का बड़ा भाई नवीन भी आर्मी में है। उसकी दो बहन हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading