जालोर में सभी अधिकारियों के जाने के बाद भी इस तरह से जलता रहा रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद
शहर के जिला स्टेडियम में रावण दहन किया गया। रावण दहन के करीब आधे घंटे मशक्कत के बाद भी रावण पुरा नहीं जला तो आग व पेट्रोल तक डाला लेकिन जलकर नहीं गिरा तो बाद में नगर परिषद के कार्मिकों ने रस्सी तो किसी ने डंडे से रावण,कुम्भकरण व मेघनाद को जलाया।
बता दे हर बार की तरह इस बार भी शहर के आहोर रोड पर स्थित शाह पुनाजी गेनाजी स्टेडियम में रावण दहन किया गया। इस बार रावण करीब 1 दिन लेट स्टेडियम में लाया गया। लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के चलते रावण,कुम्भकरण व मेघनाद का पुतला दहन का समय होने तक भी तैयार नहीं हो सका।

जालोर में दहन के समय तक रावण तैयार नहीं हो सका तो पैरों के पुतलों के पास ही रख कर दहन किया।
रावण दहन देखने पहुंचे शहरवासियों में नगर परिषद के कार्मिकों, प्रशासन की लापरवाही को लेकर चर्चा शुरू हुई और इसके वीडियों फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। जिसके बाद भाजपा के कुछ पार्षदों ने इसको लेकर नगर परिषद आयुक्त के प्रति नाराजगी जताई।
6 बजे करना था रावण दहन लेकिन कुंभकर्ण व मेघनाद का पुतला तैयार नहीं होने से शहर के सुन्देलाव तालाब से रवाना होकर आने वाली भगवान श्री राम की शोभायात्रा को करीब आधे घंटे तक मंदिर में ही रोकना पड़ा।

रावण दहन करते के लिए इलेक्ट्रोनिक चोर्ट देते हुए मुख्य सचेतक लेकिन चोर्ट वाले रिमोंर्ट ने काम नहीं किया
जिसके बाद भी पुतले समय पर तैयार नहीं हुए तो चामुण्डा माता मंदिर के महन्त पवनपुरी महाराज, भगवान श्री राम व उनकी सेना के साथ शोभायात्रा लेकर स्टेडियम के लिए रवाना हो गए तो नगर परिषद के कार्मिकों ने जल्दी से पुतलों को क्रेंन से खड़े कर दिए लेकिन रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों के पैर लगाने ही भूल गए। जिसके बाद जल्दी में पैरों को पुतलो के पास ही रख दिए। गलती से रावण के पैर कुंभकर्ण के सामने रख दिए और पुतलों को जलाने के लिए उसमें घास तक नहीं लगाई। भगवान श्रीराम सेना के साथ स्टेडियम पहुंचे और रावण दहन कार्यक्रम शुरू किया।
इस दौरान पवनपुरी महाराज व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने इलेक्ट्रोनिक रिमोंट से रावण दहन करने के लिए पहुंचे। लेकिन रिमोंट ने काम ही नहीं किया तो परिषद के कार्मिक ने रावण के पास जाकर आग लगाई। लेकिन आग से रावण के ऊपर लगा रंग बिरंगा कागज तो लग गया लेकिन लकड़ी ने आग नहीं पकड़ी। तो एक बार रावण पर पेट्रोल तक डाल कर दहन करने की कोशिश की। जिसके बाद आग तो लग गई। लेकिन करीब आधे घंटे से अधिक समय बाद भी रावण पुरा नहीं जला और ना ही जलकर नीचे गिरा। जिसके बाद नगर परिषद व ठेकेदार के कुछ कार्मिकों ने रस्सी व लकड़ी से पुतलों को नीचे गिराकर जलाया गया।

रावण दहन होता हुआ
इस तरह की लापरवाही के बाद जिला कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए नगर परिषद आयुक्त दिलीप माथुर को फटकार लगाते हुए जिम्मेदारों व ठेकेद्वार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान जालोर जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप के गवांडे, एसपी शेलेन्द्र सिंह इंदौलिया,एएसपी मोटाराम, नगर परिषद आयुक्त दिलीप माथुर, भाजपा नगर अध्यक्ष दिलीप माथुर व दिनेश महावर, समेत बड़ी सख्या में शहरवासी मौजूद रहे।

जालोर के स्टेडियम में होता रावण दहन व रावण दहन देखने पहुंची भीड़

जालोर स्टेडियम में भगवान श्री राम की पूजा पाठ करते महन्त पवन पुरी व अन्य अधिकारी

रावण दहन देखने पहुंचे शहरवासी
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments