बच्चे के चाचा ने प्राइवेट लैब कर्मी को थप्पड़ मारा।
अलवर के शिशु अस्पताल के सामने स्थित क्योरवेल लैब में 5 दिन के बच्चे की पीलिया रिपोर्ट गलत आने पर गुरुवार शाम परिजनों ने हंगामा कर दिया। रिपोर्ट में भारी अंतर सामने आने के बाद गुस्साए परिजनों ने लैब कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया। लैब का शटर भी डाउन कर द
परिजनों का कहना है कि पीलिया की जांच सरकारी अस्पताल यानी जनाना हॉस्पिटल में होती है। फिर डॉक्टर ने बाहर प्राइवेट लैब में जांच क्यों लिखी? क्योरवेल लैब ने इस जांच के लिए 400 रुपए वसूले, जबकि यह सुविधा अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध है। फिर भी बाहर की लैब ने गलत रिर्पोट बना कर दे दी।

दोनों जांच क्योरवेल लैब में 29.99 व दूसरी जांच में 20.23
बच्चे के चाचा विश्वेंद्र चौधरी ने बताया- उनके भाई पुष्पेंद्र चौधरी आर्मी में जवान हैं। उनकी पत्नी की डिलीवरी हाल ही में MIA के ईएसआईसी अस्पताल में हुई थी। गुरुवार को जब बच्चे को टीका लगवाने राजीव गांधी शिशु चिकित्सालय लाए तो डॉक्टर महेश शर्मा ने ब्लड जांच लिखी और क्योरवेल लैब से कराने को कहा।
लैब की रिपोर्ट में बच्चे में 29.99 पीलिया बताया गया। रिपोर्ट देखकर डॉक्टर ने बच्चे को जयपुर रेफर कर दिया और साथ ही परिजनों को अलवर के कई निजी डॉक्टरों के नाम बताए। डॉक्टर ने यह भी कहा कि उन डॉक्टरों को मेरा नाम बता देना।
इसके बाद परिजन बच्चे को दूसरे हॉस्पिटल ले गए, जहां जांच में पीलिया का स्तर सिर्फ 20.23 निकला। वहां के डॉक्टरों ने बताया कि इलाज अलवर में ही हो जाएगा, जयपुर ले जाने की जरूरत नहीं है। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल से लेकर प्राइवेट लैब और प्राइवेट डॉक्टरों तक मरीजों को फंसाने का पूरा नेटवर्क बना हुआ है। क्योरवेल लैब की रिपोर्ट ने उन्हें डराकर जयपुर भेजने की साजिश की, जबकि हकीकत में बच्चे का इलाज यहीं हो सकता है। इसी गुस्से में परिजनों ने शाम को लैब में हंगामा किया।
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