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प्रदेश को पिछले दस साल में करीब 25 लाख प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा वर्ष 2020 और 2024 में क्रमश: चार व पांच लाख से भी ज्यादा आवास स्वीकृत हुए। सिर्फ 2021 को छोड़कर हर साल दो से पांच लाख तक के आवासों का लक्ष्य दिया गया था। 2021
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर इस बार केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास दिवस भी मनाएगी। इसके अंतर्गत आवास मेलों के आयोजन के साथ लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जाएगा। वहीं, इस दौरान योजना के अंतर्गत मिले आवेदनों के सत्यापन का काम भी पूरा किया जाएगा।
पीएमएवाईजी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016-17 में राजस्थान को 2.49 लाख से ज्यादा आवास स्वीकृत हुए। वर्ष 2017-18 में संख्या घटकर 2.22 लाख के करीब रही। वर्ष 2018-19 में आंकड़ा और कम हुआ। उस दौरान 2.12 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए। इसके अगले वर्ष आंकड़ा एकदम से दोगुना हो गया।
वर्ष 2020 में 4.44 लाख से भी ज्यादा पीएम आवास का पैसा मिला। वर्ष 2021 में सबसे कम 1.95 लाख आवास का टारगेट रहा। जबकि वर्ष 2022 में 3.93 लाख व वर्ष 2024 में 5.06 लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। जबकि वर्ष 2025 में 2.73 लाख से ज्यादा का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया था। इनमें सबसे ज्यादा आवास बाड़मेर, बारां, भीलवाड़ा, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और झालावाड़ जैसे जिलों में बनाए जाएंगे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाड़मेर में सर्वाधिक 27 हजार से अधिक और इसके बाद झालावाड़ में 26 हजार से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनाए जाएंगे। इसी तरह जैसलमेर में 14 हजार से ज्यादा, बीकानेर में 16 हजार से ज्यादा, बारां में 9 हजार, भीलवाड़ा में करीब साढ़े दस हजार आवास बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जोधपुर–फलोदी में भी करीब 15 हजार से ज्यादा लोगों को घर दिया जाएगा।
एक दर्जन जिलों में सबसे कम बीपीएल-लाभार्थी
सिरोही, सीकर, खैरतल तिजारा, जालोर, जयपुर, धौलपुर, दौसा, अलवर और अजमेर सहित एक दर्जन से ज्यादा जिलों में प्रधानमंत्री आवास के लक्ष्य कम रखे गए हैं। यहां गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों की संख्या में कमी हो सकती है। इन जिलों में एक से तीन हजार के बीच प्रधानमंत्री आवास बनाए जाएंगे। ग्रामीणों को आवास के साथ साथ स्वच्छ भारत मिशन का भी लाभ दिया जाएगा।
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