शनिवार को हुए सीन रिक्रिएशन के दौरान मासूम की आरोपी मां भी मौजूद थी।
भीलवाड़ा में मासूम के मुंह में पत्थर ठूंसकर उसकी हत्या का प्रयास करने वाला उसका नाना है। आरोपी से पुलिस ने शनिवार (27 सितंबर) सुबह पूरा सीन रिक्रिएट करवाया। उसने बताया- कहां से उन्होंने बस ली, फेविक्विक ली और कहां रुके थे?
वारदात के दौरान बच्चे की मां भी मौजूद थी। आरोपी नाना ने बताया कि उसकी बेटी कुंवारी है और इज्जत बचाने और शादी करने के लिए ऐसा किया।
इधर, बच्चे का इलाज भीलवाड़ा के जिला अस्पताल में चल रहा है। मासूम मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में 23 सितंबर को पत्थरों में दबा हुए मिला था।
सबसे पहले देखिए- वो PHOTO जिसने झकझोर दिया…

यह तस्वीर 23 सितंबर की है, जब बच्चा मिला था।
अब पढ़िए- आरोपी नाना ने पुलिस को क्या बताया…
4 सितंबर को मासूम को जन्म देने वाली युवती के पिता ने बताया- मेरे साले के लड़के से ही बेटी प्रेग्नेंट हो गई थी। बेटी कुंवारी है और उसकी शादी करनी है, इसी वजह से मैंने ऐसा किया। उसने बताया-

बूंदी से भीलवाड़ा जाते समय बच्चे और बेटी के साथ वह जंगल के रास्ते में मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के सीता का कुंड मंदिर के पास उतर गया। इसके बाद बेटी को पत्थरों के ढेर से थोड़ी दूर पहले ही खड़ी कर दिया। तौलिया लपेटकर पहले बच्चे को पत्थरों के ढेर के पास रखा। फिर पत्थर पर फेविक्विक लगाई और मासूम के मुंह में ठूंस दिया। बची हुई फेविक्विक पत्थर ठूंसने के बाद ऊपर से लगा दी।

पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी सड़क पर आए। यहां से ट्रैक्टर में लिफ्ट ली और घटना स्थल से 20 किलोमीटर दूर तिलस्वां महादेव मंदिर पहुंचे, जहां धन्नालाल की पत्नी पहले से इंतजार कर रही थी। दर्शन के बाद तीनों धर्मशाला में कमरा किराए पर लेकर रुक गए थे।
अब वो PHOTOS…जिसमें नाना ने दिखाया पूरा सीन
1 . पुलिस ने आरोपी को बच्चे की डमी देकर वारदात स्थल तक भेजा

2. आरोपी ने बच्चे को बड़े-बड़े पत्थरों के बिल्कुल करीब रखा

3. आरोपी ने फिर फेविक्विक लगाई, फिर पत्थरों के नीचे दबा दिया

वारदात के लिए क्या थी प्लानिंग?
मांडलगढ़ SHO ने बताया- चित्तौड़गढ़ के भैंसरोडगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने बूंदी के सरकारी हॉस्पिटल में 4 सितंबर को बच्चे को जन्म दिया था।
रिकॉर्ड में फर्जी पति का नाम लिखवाया। इसके बाद वह हॉस्पिटल से बसोली थाना क्षेत्र में किराए के कमरे पर आ गई थी। युवती और उसके माता-पिता मासूम साथ 23 सितंबर की सुबह 8 बजे बस में बैठे थे।
बच्चे को ठिकाने लगाने का प्लान पहले ही बना लिया गया था। भीलवाड़ा जाते समय रास्ते में बस शक्करगढ़ रुकी, इस दौरान उतरकर दो फेविक्विक के पाउच खरीदे थे। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया।

पूरी बॉडी में इंफेक्शन फैलने के कारण मासूम की हालत गंभीर बनी हुई है। बच्चे को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
हत्या की कोशिश के बाद आरोपी परिवार मंदिर पहुंचा
मांडलगढ़ थाना ASI रामलाल मीणा ने बताया- वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी परिवार बिजौलिया होते हुए तिलस्वां महादेव मंदिर चले गए थे। मंदिर में दर्शन किए और धर्मशाला में रुक गए। इनपुट के आधार पर घटना के तीसरे दिन 25 सितंबर को पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था। पूछताछ के बाद 26 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार किया गया।

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