राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में सोमवार को ‘द जू स्टोरी’ का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को मानव मन की गहराइयों तक झकझोर दिया।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में सोमवार को ‘द जू स्टोरी’ का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को मानव मन की गहराइयों तक झकझोर दिया। एनएसडी (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) के पूर्व छात्र और अनुभवी निर्देशक उत्पल झा द्वारा निर्देशित इस नाटक ने आधुनिक जीवन में बढ
करीब 1 घंटा 25 मिनट की यह हिंदी प्रस्तुति अपने गहरे विषय और सशक्त अभिनय के कारण दर्शकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखी। नाटक की पूरी कहानी एक पार्क की बेंच पर घटित होती है, जहां दो अजनबी व्यक्ति पीटर, एक मध्यमवर्गीय, स्थिर जीवन जीने वाला व्यक्ति, और जेरी, समाज से कट चुका, एकाकी और बेचैन इंसान आमने-सामने आते हैं।

करीब 1 घंटा 25 मिनट की यह हिंदी प्रस्तुति अपने गहरे विषय और सशक्त अभिनय के कारण दर्शकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखी।
शुरुआत में सामान्य लगने वाली बातचीत धीरे-धीरे जीवन, अकेलेपन और जुड़ाव की खोज पर तीव्र बहस में बदल जाती है। जेरी अपनी नीरस जिंदगी, पड़ोसी कुत्ते से जुड़ी अजीबोगरीब कहानी और अपने भीतर के खालीपन को उजागर करता है, जिससे नाटक का भावनात्मक तनाव चरम पर पहुंच जाता है।
नाटक का अंत न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि इंसान एक-दूसरे के इतने करीब होकर भी मानसिक रूप से कितने दूर हैं। सरल मंच-सज्जा, प्रभावशाली अभिनय और निर्देशक उत्पल झा की संवेदनशील दृष्टि ने ‘द ज़ू स्टोरी’ को एक गहन और आत्ममंथन कराने वाला अनुभव बना दिया। इस प्रस्तुति ने जयपुर के दर्शकों के मन में मानवीय रिश्तों और संवाद की गहराई को नए सिरे से परिभाषित किया।
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