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सुरेली में तेजाजी के मेले में काले नाग से जीभ पर डसवाता एक व्यक्ति।

टोंक के बनेठा उप तहसील क्षेत्र के सुरेली गांव में मंगलवार को तेजाजी का मेला भरा। मेले में खजूरिया निवासी 65 साल के घोड़ले रतन लाल प्रजापत सांप के साथ अठखेलियां की। उन्होंने अपनी जीभ सांप के मुंह पर रख दी। हालांकि दोनों को नुकसान नहीं पहुंचा।

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दरअसल, सुरेली गांव में तेजाजी दशमी पर्व पर जन-जन की आस्था के प्रतीक लोक देवता तेजाजी महाराज के विशाल तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें शामिल होने के लिए टोंक के अलावा सवाई माधोपुर, बूंदी, नैनवा, निवाई, मालपुरा, उनियारा ,अलीगढ, बौली, देवली सहित आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों श्रद्धालु हर साल दर्शन करने आते है।

ग्रामीण हनुमान ने बताया कि पिछले 20- 25 वर्षों से लोक देवता वीर तेजाजी के मेले की परंपरा कायम है।

तेजाजी के थानक पर उमड़े श्रद्धालु।

तेजाजी के थानक पर उमड़े श्रद्धालु।

सपने में मिला मंदिर निर्माण का संदेश ग्रामीणों के अनुसार- किवदंती है कि गांव में करीब तीन दशक पहले सांप काटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उस रात गांव के एक व्यक्ति के सपने में तेजाजी आए और गांव में तेजाजी का मंदिर बनाने की बात कही। उसके बाद से अब तक किसी की सांप के डसने से मौत नहीं हुई ।

क्षेत्र के लोगों की तेजाजी के प्रति लोगों को इतनी आस्था है कि किसी को सांप डस भी लेता है तो परिजन व गांव वाले उसे अस्पताल नहीं ले जाते है। उसे तेजाजी के स्थान पर ले जाते है। जहां वह कुछ दिन में तेजाजी की कृपा से ठीक हो जाता है। हालांकि डॉक्टरों ने इस बात से असहमति जताई है। उन्होंने ग्रामीणों से आस्था और इलाज को अलग- अलग रखने का आग्रह किया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस साल चतुर्भुज मंदिर से नाग नागिन का जोड़ा टोकरी में आया था।

ग्रामीणों का कहना है कि इस साल चतुर्भुज मंदिर से नाग नागिन का जोड़ा टोकरी में आया था।

रात को चतुर्भुज की भगवान के मंदिर से लाए सांप ग्रामीणों के अनुसार- सुरेली गांव में तेजाजी का तीन दिवसीय मेला भरता है। इसके तहत रात को गांव वाले परंपरा के अनुसार गाजे बाजे के साथ चतुर्भुज जी भगवान के मंदिर पहुंचे। जहां रखी गई टोकरी में आठ बजे काला नाग आकर बैठा। उसे लेकर तेजाजी के थानक पर आ गए । जहां रातभर थानक पर रख दिया और आज शाम करीब 4 बजे फिर घोडले ने लोगों को आशीर्वाद दिया।

15 साल से सुरेली के तेजाजी के थानक पर क्षेत्र के लोग सर्प दंश से पीड़ितों का इलाज करवाने के लिए आते है।

15 साल से सुरेली के तेजाजी के थानक पर क्षेत्र के लोग सर्प दंश से पीड़ितों का इलाज करवाने के लिए आते है।



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