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महापर्व पर्युषण के पहले दिन एएसपी पारस जैन ने साध्वियों के दर्शन कर तेला तप ( 3 दिन उपवास ) के प्रत्याख्यान लिए। 

त्याग-तप और अहिंसा के महापर्व पर्युषण की शुरुआत बुधवार से हुई है। 8 दिन तक चलने वाले आयोजन में शहर के विभिन्न स्थानकों में धर्म, ध्यान और तपस्या के दौर चलेंगे। इस दौरान सामूहिक तेला तपस्या का आयोजन भी किया जाएगा। पर्व के अंतिम दिन को क्षमायाचना के रू

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भीलवाड़ा शहर में इस बार शांति भवन, सुभाष नगर, महावीर भवन, अरिहंत भवन सहित अनेक स्थानकों में साधु संतों और साध्वियों का वर्षावास है। सभी जगह चातुर्मास पर्व को पूरी आस्था के साथ मनाने का लक्ष्य रखा गया है। सुभाष नगर स्थानक में साध्वी कुमुद लता सहित 4 महासतियों का चातुर्मास है।

धर्मसभा को संबोधित करती साध्वियां।

धर्मसभा को संबोधित करती साध्वियां।

‘पर्युषण आत्मा पर लगे मेल को मिटाने का पर्व’ महासती कुमुद लता ने बतायाककी पर्युषण जैनियों का महापर्व होने से हमारे जीवन में बदलाव प्रतीत होना चाहिए। पर्युषण आत्मा पर लगे मेल को मिटाने का पर्व है। इस समय होने से अधिकाधिक तप त्याग व धर्म साधना के साथ जमीकंद व हरी सब्जी का त्याग व कच्चे पानी का उपयोग भी नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में अमीर बनने का पासवर्ड दान है। जितना हम शुद्ध भावों से दान देंगे वह कई गुणा अधिक होकर हमे वापस प्राप्त होगा। भावना शुद्ध होने पर अमीर को भी केवल ज्ञान हो सकता है। जैस भावना होगी वैसा हमारा भव होगा।

धर्मसभा में मौजूद श्राविकाएं।

धर्मसभा में मौजूद श्राविकाएं।

ये होंगे आयोजन इसके तहत प्रतिदिन सुबह 8.30 से 9 बजे तक अतंगडदशा सूत्र का वाचन और सुबह 9 से 11 बजे तक अलग-अलग विषयों पर प्रवचन होंगे। दोपहर 2 से 3 बजे तक कल्पसूत्र का वाचन होगा। दोपहर 3 से 4 बजे तक धार्मिक प्रतियोगिता होगी। सूर्यास्त बाद प्रतिक्रमण होगा। पर्युषण महापर्व का प्रारंभ 20 से 22 अगस्त तक सामूहिक तेला तप आराधना से होगा। इस दौरान सुभाषनगर स्थानक में अखण्ड नवकार महामंत्र का जाप भी होगा। इस दौरान सुबह 7 से रात 9 बजे तक श्राविकाएं एवं रात 9 से सुबह 7 बजे तक श्रावक जाप करेंगे।

धर्मसभा में धर्मलाभ लेते श्रावक।

धर्मसभा में धर्मलाभ लेते श्रावक।

आठों दिन अलग-अलग विषयों पर प्रवचन एवं प्रतियोगिताएं पर्युषण महापर्व में अलग-अलग विषयों पर प्रवचन एवं प्रतियोगिता होगी।

  • 20 अगस्त को प्रवचन का विषय आत्मशुद्धि की असली पूंजी पर्युषण जीवन की असली पूंजी अहिंसा रहेगा और दोपहर में स्वास्तिक प्रतियोगिता।
  • 21 अगस्त को तीर्थंकर अजितनाथ भगवान की स्तुति में अनुष्ठान एवं दान की मिसाल देवकी रानी ममता की मिसाल मां विषय पर प्रवचन एवं दोपहर में पुष्य नक्षत्र साधना प्रतियोगिता होगी।
  • 22 अगस्त को पद्मावती एकासन आराधना के साथ साधना की सरगम गज सुकुमाल विषय पर प्रवचन एवंज जैन हाउजी प्रतियोगिता होगी।
  • 23 अगस्त को उज्जवल भविष्य की ओर युवा विषय पर प्रवचन एवं कौन बनेगा जैन प्रतियोगिता।
  • 24 अगस्त को पुरातन गौरव की छाया में नारी विषय पर प्रवचन एवं भगवान महावीर जन्म कल्याणक मनाया जाएगा व भगवान महावीर चित्रकला प्रतियोगिता होगी।
  • 25 अगस्त को साधना का प्रथम सोपान-श्रद्धा विषय पर प्रवचन एवं प्रश्न पत्र प्रतियोगिता।
  • 26 अगस्त को आत्मा की दिव्यता-तप, जीवन की भव्यता संस्कार विषय पर प्रवचन के साथ पूज्य पन्नालालजी म.सा. की जयंती मनाई जाएगी एवं मेमोरी गेम प्रतियोगिता होगी।
  • पर्युषण पर्व के अंतिम दिन 27 अगस्त को क्षमा मैत्री ओर आत्मशुद्धि का उत्सव सवंत्सरी पर्व मनाया जाएगा एवं दोपहर में ध्यान प्रतियोगिता होगी। पर्युषण सम्पन्न होने पर 28 अगस्त को क्षमायाचना दिवस मनाया जाएगा।



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