जयपुर| केंद्र सरकार राज्य सरकार को भेजे जाने वाली राशि को लेकर मॉनिटरिंग का सिस्टम बना रही है। केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए यह सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसमें केंद्र के अकाउंट हैड की मैपिंग राज्य के स्टेट बजट लिंक से की जाएगी।
इसके लिए केंद्र सरकार से आए निर्देश के अनुसार राज्य के वित्त विभाग ने योजनाओं से संबंधित विभागों से इस मैपिंग कार्य को पूरा करने को कहा है। कई विभागों ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मैपिंग का फायदा यह होगा कि योजनाओं की गति और फंड के समुचित उपयोग को लेकर केंद्र लगातार नजर बनाए रखेगा।
कई बार केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के बजट का उपयोग राज्यों में संबंधित योजना के बजाय अन्य योजना या अन्य कार्य के लिए ट्रांसफर कर दिया जाता है। इससे योजना के क्रियान्वयन में देरी होती है। इसके अलावा योजना में आई राशि का नियमितता से पूरा उपयोग नहीं होता। इससे योजना का वास्तविक और समय पर लाभ नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति नहीं आए, इसके लिए केंद्र सरकार ने स्टेट को दी जाने वाली योजना के अकाउंट हेड को केंद्र के साथ मैप करने की प्लानिंग की है। वित्त विभाग ने मैपिंग के लिए 19 विभागों को सर्कुलर जारी किया है। मैपिंग नहीं करने पर फंड ट्रांसफर प्रभावित हो सकता है।
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