शालिग्राम जी को ठाकुर जी के समीप विराजमान किया गया। कार्यक्रम का समापन संध्या झांकी और आरती दर्शन के साथ हुआ।
जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर में जलझूलनी एकादशी महोत्सव भक्तिमय माहौल में मनाया गया। बुधवार को श्रीमन्न माध्व गौड़ेश्वराचार्य महंत अंजन कुमार गोस्वामी की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
गोविंद देवजी मंदिर में ठाकुर जी को लाल पोशाक और गोचारण लीला के आभुषण धारण करवाकर नटवर वेश में सजाया गया। ग्वाल झांकी के उपरांत महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलझूलनी एकादशी का पूजन किया।

गोविंद देवजी मंदिर में ठाकुर जी को लाल पोशाक और गोचारण लीला के आभुषण धारण करवाकर नटवर वेश में सजाया गया।
शाम 4.45 से 5.15 बजे तक विशेष अनुष्ठान में ठाकुर श्री सालिग्राम जी नारायण जी को खाट पर विराजमान किया गया। उन्हें मंदिर के दक्षिण-पश्चिमी चौक स्थित तुलसी मंच तक ले जाया गया। वहां पंचामृत से अभिषेक के बाद चंदन श्रृंगार किया गया।
आरती के पश्चात तुलसी मंच की चार परिक्रमा की गई। फिर ठाकुर श्री सालिग्राम जी को खाट पर विराजमान कर मंदिर की एक परिक्रमा कराई गई। अंत में उन्हें निज मंदिर में ठाकुर श्री जी के समीप स्थापित किया गया। शालिग्राम जी को ठाकुर जी के समीप विराजमान किया गया। कार्यक्रम का समापन संध्या झांकी और आरती दर्शन के साथ हुआ।
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