दौसा कलेक्ट्रेट के सामने विरोध जताते वकील।
दौसा जिले के लालसोट तहसीलदार और वकीलों के बीच एक सप्ताह से चल रहा विवाद आखिरकार थम गया है। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच कलेक्टर देवेंद्र कुमार और एसपी सागर राणा की मौजूदगी में वार्ता हुई। जिसमें तहसीलदार द्वारा मांगी मांगने और समझाइश की गई। वार्ता म
वहीं सोमवार को वकीलों द्वारा कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिला न्यायालय परिसर से नारेबाजी करते हुए वकील कलेक्ट्रेट के सामने पहुंचे, जहां नारे लगाए। बाद में कलेक्टर देवेन्द्र कुमार और एसपी सागर राणा को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

कलेक्टर देवेन्द्र कुमार को ज्ञापन देते वकील
ज्ञापन में बताया- तहसीलदार अमितेश मीणा ने वकीलों को काले कोट वाले गुंडे और असामाजिक तत्व कहा, जबकि काला कोट तो सुप्रीम कोर्ट के जज भी पहनते हैं। वकीलों ने तहसीलदार पर 11 अलग-अलग मामलों में फर्जी रजिस्ट्री समेत कई अन्य आरोप लगाते हुए रजिस्ट्री की जांच करवाने, तहसीलदार को निलंबित करने और संपत्ति जांच करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
वकीलों के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। जहां एएसपी गुरुशरण राव, दिनेश अग्रवाल, डिप्टी एसपी रविप्रकाश शर्मा, कोतवाली इंचार्ज सुधीर उपाध्याय, सदर थाना इंचार्ज रविंद्र सिंह, महुवा इंचार्ज राजेन्द्र मीणा, पापड़दा इंचार्ज संतचरण सिंह समेत कई थानों का भारी-भरकम पुलिस जाप्ता कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात रहा।

कलेक्ट्रेट के गेट पर विरोध जताते वकील
राजस्व कर्मियों का 3 दिन से धरना
यहां बीते शुक्रवार को तहसीलदार के पक्ष में राजस्व सेवा परिषद ने कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। धरने में पहुंचे तहसीलदार सेवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा और पटवार संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह कविया ने कहा था कि हमारी लड़ाई किसी अधिवक्ता या बार से नहीं है। बल्कि न्याय के लिए है, अधिवक्ता की पहचान सभ्य और सौम्य है।
ऐसे में किसी निर्दोष पर कार्यवाही नहीं हो और दोषियों को अनुचित समर्थन नहीं मिले। धरने को राजस्व मंत्रालय कर्मचारी संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ और नर्सेज एसोसिएशन द्वारा भी समर्थन दिया था। वहीं आरएएस एसोसिएशन द्वारा पूर्व में ही समर्थन ज्ञापन दिया जा चुका है।
वकीलों को काले कोट में गुंडों की संज्ञा देने का आरोप
आरोप है कि 19 अगस्त को लालसोट तहसीलदार अमितेश मीणा और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हुआ। जिसमें तहसीलदार लालसोट ने पुलिस थाने के सामने धरने पर बैठकर सोशल मीडिया के माध्यम से वकीलों को काले कोट में गुंडे की संज्ञा दी थी। इसके बाद वकीलों ने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने वकीलों की साख और अपमानित करने के उद्देश्य सोशल मीडिया पर बयानबाजी की है।
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