Acharya ji stated that non secular restraint needs to be imbibed in life. | टोंक में आचार्य बोले “कैंची नहीं, सुई बनकर कार्य करें”: 68वें समाधि वर्ष पर 108 परिवार करेंगे 108 विधान की रचना – Tonk Information
जैन नसिया में पूजा करती महिलाएं। टोंक में प्रथम पट्टाचार्य श्री वीरसागर जी के 68वें समाधि अंतर विलय वर्ष पर धर्मसभा का आयोजन हुआ । इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने कहा “एक संसारी प्राणी जन्म लेता है, वह जीवन निर्माण के लिए अनेक कार्य करता है चाहे वह विद्यार्थी हो, […]
