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जयपुर समेत प्रदेश के दूसरे शहरों में ग्रुप-2 के डॉक्टर्स को सीधे एसोसिएट प्रोफेसर बनाने के लिए शुरू हुई प्रक्रिया के विरोध में आज डॉक्टर्स (मेडिकल कॉलेजों के टीचर्स) ने रैली निकाली। ये रैली जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल से शुरू होकर मेडिकल कॉलेज तक निकाली

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रैली शुरू होने से पहले सभी डॉक्टर्स एसएमएस हॉस्पिटल में मैन प्रशासनिक भवन के पोर्च में पहुंचे और वहां सरकार के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद डॉक्टर्स ने हाथों में बैनर, तख्तियां लेकर रैली ​शुरू की, जो एसएमएस हॉस्पिटल से शुरू होकर धन्वंतरी, ट्रोमा सेंटर, चरक भवन होते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंची। रैली राजस्थान मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के बैनरतले निकाली गई।

ये प्रमुख मांगें

  • मेडिकल एज्युकेशन में ग्रुप-2 के डॉक्टर्स की लेट्रल एंट्री न हो।
  • कॉलेजों में एसोसिएट के बजाय केवल असिस्टेंट प्रोफेसर से ही भर्ती की शुरुआत हो।
  • भर्ती केवल RPSC के जरिए ही की जाए।
  • NMC के नियमानुसार फेकल्टी डॉक्टर्स की समय पर डीपीसी हो।
  • सरकार कॉलेजों में नियमित भर्ती की नीति लागू करें।
  • PG डिग्री वाले डेमोन्स्ट्रेटर को अनुभव के आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति दी जाए।
  • सरकार की बनाई नियुक्ति/समायोजन समिति को भंग किया जाए।

12 दिन से लगातार दे रहे धरना

बता दें कि NMC ने ग्रुप-2 (सेवारत डॉक्टर्स) के डॉक्टर्स जिन्होंने पीजी कर रखी है उनको अनुभव के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने का नोटिफिकेशन जुलाई में जारी किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आगे की कार्यवाही के लिए एक कमेटी (नियुक्ति/समायोजन समिति) का गठन करते हुए इसके लिए योग्य डॉक्टर्स की सूची तैयार की है।

सरकार के इसी फैसले के विरोध में ये फेकल्टी डॉक्टर एसएमएस हॉस्पिटल में पिछले 11 दिन से लगातार धरना दे रहे है। इसके अलावा वे रोजाना 2 घंटे ओपीडी का भी बहिष्कार कर रहे है।



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