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‘इंटरव्यू में अकेला कोई व्यक्ति किसी को फेवर कर ही नहीं सकता। अगर मैं किसी को फेवर करना चाहता तो क्या 50 में से सिर्फ 28 नंबर देता?’

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यह बातें RPSC के पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय ने एसआई भर्ती परीक्षा में इंटरव्यू को लेकर खुद पर उठे सवालों के जवाब में दैनिक भास्कर से कही।

राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार (28 अगस्त) को सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 को रद्द कर दिया। कोर्ट ने आरपीएससी पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिन 6 पदाधिकारियों पर तल्ख टिप्पणी की, उनमें पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय का भी नाम है।

उनके कार्यकाल में ही सब इंस्पेक्टर भर्ती के इंटरव्यू हुए थे। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने संजय श्रोत्रिय से, उन पर लगे आरोपों पर जवाब लिए। पढ़िए- पूरा इंटरव्यू….

सवाल : हाईकोर्ट ने SI भर्ती परीक्षा रद्द करते हुए RPSC पर तल्ख टिप्पणी की है- ‘घर के भेदी ने ही लंका ढहा दी’, क्या कहेंगे?

जवाब : हाईकोर्ट ने जो यह टिप्पणी की है, सब इंस्पेक्टर की परीक्षा रद्द होने को लेकर की है। इसमें जो मेंबर्स की भूमिका सामने आई थी, जिनकी जांच चल रही है, हो सकता है उन्होंने उसके संदर्भ में कही हो।

सवाल : हाईकोर्ट के आदेश में तत्कालीन RPSC अध्यक्ष आपके साथ एक कार्यवाहक अध्यक्ष और 4 मेंबर्स के नाम हैं, कार्यशैली पर सवाल भी उठाए हैं?

जवाब : माननीय न्यायधीश ने पूरे आयोग पर जो टिप्पणी की है, वह सभी सदस्यों पर लागू नहीं है। परीक्षा में जो भी गड़बड़ी हुई, वह 2021 में हुई। उस समय तत्कालीन अध्यक्ष भूपेंद्र यादव (पूर्व डीजीपी) थे। उसके बाद शिव सिंह राठौड़, फिर जसवंत राठी रहे। मैं फरवरी 2022 में अध्यक्ष बना। यह जो गड़बड़ी है, वह 2021 की है। इसके बारे में मैं क्या कहूं, लेकिन पूरे आयोग की संलिप्तता बताना उचित नहीं है।

सवाल : हाईकोर्ट के आदेश में जिक्र है कि रामूराम राईका अपने बेटे-बेटी के लिए आपसे आपके घर पर मिले, आप उनके बेटे के इंटरव्यू पैनल में मौजूद रहे?

जवाब : देखिए, आयोग की कार्यप्रणाली में मेरे से पहले भी कई अध्यक्ष रहे- हाईकोर्ट जज, सीनियर आईएएस अधिकारी। हर अध्यक्ष ने सुधार किए।

इंटरव्यू प्रक्रिया में यह पता नहीं लगाया जा सकता कि किसका बोर्ड आएगा और किस कैंडिडेट का किस बोर्ड में इंटरव्यू होगा। नकल माफिया हमेशा कोई न कोई रास्ता निकालने की कोशिश करते रहते हैं ताकि लोगों को झांसा दे सकें।

यह कि पैनल में कौन आया या नहीं आया, इसका प्रकाश तो जांच एजेंसी ही डाल सकती है।

सवाल : कोर्ट में कहा गया है कि वह आपसे मिलने आपके घर आए थे और उसके बाद उनके पैनल में आप शामिल थे, जिसमें इंटरव्यू हुआ। क्या आपकी मुलाकात हुई थी?

जवाब : मेरे टाइम में जनवरी 2023 में इंटरव्यू शुरू हुए थे। तब तक राईका रिटायर हो चुके थे। अब कौन अध्यक्ष से मिलने आता है या नहीं आता, इसका मेरे पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।

सवाल : लेकिन कोर्ट ने राईका के आपके घर पर आने का जिक्र किया है?

जवाब : मुझे नहीं पता कि इसका सोर्स क्या है। इंटरव्यू बोर्ड की संरचना पुलिस के सुझाव पर होती है। इसमें पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारी (आईजी/डीआईजी लेवल), एक साइकोलॉजिस्ट और एक अध्यक्ष होता है। सभी के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। अकेला कोई व्यक्ति किसी को फेवर कर ही नहीं सकता।

सवाल : क्या आपको लगता है कि पैनल में जो लोग थे, उनसे भी पूछताछ होनी चाहिए?

जवाब : बिल्कुल। पुलिस अधिकारी और साइकोलॉजिस्ट भी उसमें शामिल थे। उनसे भी बात की जानी चाहिए।

सवाल :…तो पैनल में कौन-कौन लोग शामिल थे?

जवाब : यह गोपनीय जानकारी है। हर इंटरव्यू के बाद स्कोर शीट सील होकर सुरक्षित रख दी जाती है।

संजय श्रोत्रिय ने रामूराम राईका (पूर्व आरपीएससी सदस्य) के बच्चों को इंटरव्यू में पास करने के सभी आरोपों को खारिज किया है।

संजय श्रोत्रिय ने रामूराम राईका (पूर्व आरपीएससी सदस्य) के बच्चों को इंटरव्यू में पास करने के सभी आरोपों को खारिज किया है।

सवाल : कोर्ट ने माना है कि राईका ने बेटी के इंटरव्यू से पहले ही फोटो दिखाए और वही कपड़े पहनाकर इंटरव्यू बोर्ड के सामने भेजा, जिससे उसकी पहचान हो?

जवाब : मैंने भी यह मीडिया में पढ़ा है। यह निराधार है। इसकी जांच तो एजेंसी को ही करनी चाहिए।

सवाल : कोर्ट का कहना है कि पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी आरपीएससी को थी और इसमें आयोग के लोग शामिल थे।

जवाब : 2021 में लिखित परीक्षा हुई और 2023 में इंटरव्यू। तब तक कोई अनियमितता की जानकारी नहीं थी, न पुलिस से और न ही कोई केस पेंडिंग था।

सवाल : कहा जा रहा है कि आपके पास पूरी जानकारी थी?

जवाब : यह गलत है। मेरे कार्यकाल में हमने 50 से ज्यादा मुकदमे एसओजी में और थानों में दर्ज कराए। उसी समय बाबूलाल कटारा (आरपीएससी का सदस्य) गिरफ्तार हुआ। ईडी ने भी जांच की थी। हमने सारे दस्तावेज दिखाए थे। अगर कुछ गड़बड़ी होती तो उजागर हो जाती।

सवाल : एसओजी और हाईकोर्ट दोनों ने माना कि आरपीएससी में बैठे लोग ही माफियाओं से मिले थे?

जवाब : पुलिस ने सिर्फ दो लोगों (निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा और पूर्व सदस्य रामूराम राईका) पर कार्रवाई की है। हमारे खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। न ही हमसे कभी ऐसा कहा गया। इसलिए आयोग की पूरी संलिप्तता बताना गलत है।

सवाल : उस समय कोई राजनीतिक दबाव था क्या?

जवाब : मैंने कभी महसूस नहीं किया। हमारे कार्यकाल में जो पेपर लीक (सीनियर टीचर भर्ती) की बात आई, वह पैकेट में ही रह गया। हमने तुरंत निरस्त कर दिया। किसी कैंडिडेट का नुकसान नहीं होने दिया। उसके बाद भी ईओ-आरओ के पेपर में गड़बड़ी सामने आई पर हमने उसे भी तभी निरस्त कर दिया था।

सवाल : अब हाईकोर्ट आदेश के बाद क्या लगता है, एसओजी और सख्त होगी?

जवाब : होनी चाहिए। जो बच गए हैं, उन्हें भी पकड़ा जाना चाहिए। मैं खुद 3 साल एसओजी में रहा हूं। मुझे इसका फायदा मिला था। तभी मैं कई मामलों में गड़बड़ी को रोक पाया था। जो गलत हैं वो पकड़े जाने चाहिए।

सवाल : आयोग पर भी सवाल उठे हैं, आप लोगों की भी जांच होनी चाहिए?

जवाब : बिल्कुल होनी चाहिए। हर स्तर पर होनी चाहिए। पैनल में जो पुलिस अधिकारी मौजूद थे, उनसे भी पूछताछ होनी चाहिए।

सवाल : पैनल से भी सवाल पूछे जाने चाहिए?

जवाब : जी हां। तीन बोर्ड होते हैं, 6 पुलिस अधिकारी मौजूद रहते हैं। पूरा रिकॉर्ड आरपीएससी के पास होता है। जांच एजेंसी सब जान सकती है।

सवाल : उस समय पैनल में जो छह पुलिस अधिकारी थे, वे कौन थे?

जवाब : यह गोपनीय है, पर इतना साफ है कि हर बोर्ड में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनिवार्य रूप से होते हैं।

सवाल : अब आपका आगे क्या कदम रहेगा?

जवाब : मेरे संलिप्त होने की बात आई है। मैं भी न्यायालय की शरण लेने का विचार कर रहा हूं।

हाईकोर्ट ने SI भर्ती कर रद्द करने के अपने आदेश में क्या-क्या कहा?

संजय श्रोत्रिय के कार्यकाल में ही सब इंस्पेक्टर भर्ती के इंटरव्यू हुए थे। पूर्व आईपीएस रहे संजय श्रोत्रिय को तत्कालीन सरकार ने आयोग का अध्यक्ष बनाया था।

राजस्थान हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती रद्द करने के दौरान आयोग के जिन छह सदस्यों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनमें संजय श्रोत्रिय का नाम है।

कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में लिखा है- आयोग के पूर्व सदस्य रहे रामूराम राईका अपने बेटे बेटी को थानेदार बनाने के लिए श्रोत्रिय से मिले थे। बेटे देवेश के इंटरव्यू से पहले तीन दिन की छुट्टी थी।

इन छुट्टी के दिनों में रामूराम राईका तत्कालीन चेयरमैन के सरकारी आवास पर जाकर मिले थे। जब राईका के बेटे देवेश का इंटरव्यू हुआ तो संजय श्रोत्रिय खुद इंटरव्यू पैनल में मौजूद रहे थे। देवेश को इंटरव्यू में 50 में से 28 अंक दिए।

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