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ऐतिहासिक पर्यटन स्थल रैन बसेरा का 88वां स्थापना दिवस शुक्रवार को मनाया गया।
झालावाड़ के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल रैन बसेरा का 88वां स्थापना दिवस शुक्रवार को मनाया गया। इस मौके पर पर्यटन विकास समिति ने विचार गोष्ठी का आयोजन किया।
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता हुकमचंद मीणा ने बताया कि रैन बसेरा का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि परिसर में एक सुंदर उद्यान विकसित किया जाएगा और बिजली की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे पर्यटक इस ऐतिहासिक धरोहर का आनंद ले सकेंगे।
समिति के संयोजक ओम पाठक ने बताया कि पुराने काठ से बना रैन बसेरा 12 दिसंबर 2012 में जलकर नष्ट हो गया था। समिति के प्रयास और सरकार व प्रशासन के सहयोग से अब इसका पुनर्निर्माण हो रहा है।
इतिहासकार ललित शर्मा ने बताया कि मूल रैन बसेरा दिसंबर 1936 में लखनऊ में प्रदर्शित किया गया था। इसे 29 अगस्त 1937 को कृष्ण सागर तालाब के तट पर महाराज राजेंद्र सिंह ने स्थापित किया था। इस कार्य में तत्कालीन इंजीनियर बीएल गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
गोष्ठी में कृष्ण सागर तालाब में मोटर बोट चलाने और ग्राम से पर्यटन स्थल तक सड़क के सुधार की मांग भी की गई। डॉ. नंदसिंह राठौड़ ने पर्यटकों के लिए बगीचे विकसित करने और स्थल को पुराने मूल स्वरूप में लाने का सुझाव दिया। इस मौके पर भगवती प्रकाश मेहरा, सालिगराम दांगी, भारत सिंह राठौड़, सूरज करण नागर, कन्हैयालाल कश्यप, फारूक अहमद और रैन बसेरा ग्रामवासी मौजूद रहे।
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