सूरत (गुजरात) के सिविल अस्पताल में आसाराम की तस्वीर रखकर पूजा का आयोजन किया गया।
रेप केस में दोषी आसाराम (86) के भक्तों ने सोमवार को सूरत (गुजरात) के सरकारी हॉस्पिटल में उसकी तस्वीर रखकर पूजा-आरती का आयोजन किया। इसमें डॉक्टर, नर्स और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हुए।
आरती के दौरान मंत्रोच्चार और भजन किए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल अधीक्षक को इस बात की जानकारी ही नहीं थी।
दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया था। आसाराम को फटकार भी लगाई थी। इसके बाद आसाराम ने 30 अगस्त की सुबह 11 बजे जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर किया था।
जेल में वापसी के बाद वह 4 सितंबर को चेकअप के लिए जोधपुर एम्स पहुंचा। 5 सितंबर को इलाज के लिए आरोग्यम हॉस्पिटल जाने की अनुमति हासिल की। वह 6 सितंबर से आरोग्यम हॉस्पिटल में है। यहां भी टहलते हुए लगातार अपने समर्थकों को दर्शन दे रहा है।

सूरत के सरकारी हॉस्पिटल में समर्थकों ने इस तरह तस्वीर रखकर पूजा की। इसका वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मच गया।
सूरत में सरकारी अस्पताल में पूजा गुजरात के सूरत में सोमवार को ‘आशीर्वाद स्थल’ के नाम से मशहूर नए सिविल हॉस्पिटल में आसाराम के भक्तों ने स्टेम सेल भवन के गेट पर उसकी तस्वीर रखकर पूजा-आरती का आयोजन किया। इस पूजा में शिशु रोग विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर जिगिषा पटाडिया, नर्स और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हुए। आरती के दौरान मंत्रोच्चार और भजन किए गए। नवरात्रि में मां दुर्गा या किसी अन्य देवता की जगह आसाराम की पूजा किए जाने पर विवाद हो गया।
हॉस्पिटल अधीक्षक बेखबर, बोले- अनुमति नहीं ली गई हैरत की बात यह है कि सूरत सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. धारित्री परमार को इस घटना की जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा- वे छुट्टी पर हैं और शहर से बाहर हैं। उनसे इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया।
गुजरात हाईकोर्ट ने नहीं बढ़ाई जमानत इस बीच सोमवार को गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम की मेडिकल ग्राउंड पर नियमित सजा स्थगन, अंतरिम जमानत बढ़ाने और गुजरात केस की अपील की सुनवाई हुई। गुजरात हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजस्थान हाईकोर्ट ने मेरिट के आधार पर जमानत नहीं बढ़ाई तो गुजरात हाईकोर्ट एक ही मेडिकल पेपर पर अलग रुख कैसे अपना सकता है? इसके बाद हाईकोर्ट ने आसाराम की जमानत नहीं बढ़ाई। गुजरात हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।

30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर के दौरान आसाराम खुद की व्हीलचेयर पर पहुंचा था। हाईकोर्ट से इसके लिए अनुमति मिली थी।
आसाराम ने मांगी थी सिविल हॉस्पिटल की रिपोर्ट इससे पहले 16 सितंबर को आसाराम की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में अर्जी देकर अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर की ओर से कोर्ट को भेजी गई पूरी मेडिकल रिपोर्ट की प्रतिलिपि लेनी चाही। लेकिन कोर्ट ने दूसरी बेंच में आवेदन देने को कहा। इसके दो दिन बाद आसाराम दोबारा एम्स पहुंचा और जांच करवाकर वापस आरोग्यम पहुंच गया।
जोधपुर में दिखी थी भक्तों की भीड़ आसाराम के समर्थक नियमित रूप से सोशल मीडिया पर दर्शन के वीडियो अपलोड कर रहे हैं। 18 सितंबर को भी जब आसाराम आरोग्यम से एम्स पहुंचा, तो भक्तों की भीड़ दिखाई दी।
तब आसाराम ने साधकों को चुप रहने का इशारा किया था, क्योंकि साधकों की उपस्थिति और उनके करीब पहुंचने की कोशिशों के कारण ही उसकी जमानत नहीं हो पा रही है।
आश्रम के मैसेज के अनुसार आरोग्यम अस्पताल में एक महीना रहने और मेडिकल्स लैब में टेस्ट करवाने की अनुमति मिली है।
रेप के दो केस में सजा काट रहा आसाराम 2018 में आसाराम को बलात्कार के एक मामले में अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। फिर 2023 में गांधीनगर की अदालत ने भी सूरत की एक महिला से बलात्कार के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दोनों राज्यों में अलग-अलग मामलों में सजा काटने वाले आसाराम को लगातार चिकित्सा सुविधाओं के नाम पर छूट मिल रही है। जबकि उसके अंधभक्त राजस्थान में वास्तविक दर्शन और गुजरात में तस्वीर की पूजा करने में व्यस्त हैं।



ये भी पढ़ें…
जोधपुर जेल में आसाराम ने सरेंडर किया:पैर पर प्लास्टर बांधकर पहुंचा; अंतरिम जमानत खत्म; जमानत बढ़ाने की याचिका पर कल होगी सुनवाई

नाबालिग से रेप करने वाला आसाराम ने जोधपुर जेल में सरेंडर कर दिया है। पैर में प्लास्टर बांधकर पहुंचे आसाराम की अंतरिम जमानत 31 मार्च को समाप्त हो गई है। आसाराम के वकील ने जमानत अवधि बढ़ाने के लिए याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट 2 अप्रैल को सुनवाई करेगी। (पूरी खबर पढ़ें)
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments