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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों से अच्छी पढ़ाई होती है। यह बात कुछ लोगों को चुभ रही है। विशेष करके कांग्रेस के लोगों को। इसीलिए कुछ मीडिया हाउस को बरगलाकर,गलत जानकारी देकर, लोकल

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महापुरुषों के बारे में नहीं पढ़ाना व उनके पाठ हटा देना, ये बेईमानी-दिलावर

उन्होंने कहा कि महापुरुषों के बारे में नहीं पढ़ाना व उनके पाठ हटा देना, ये बेईमानी है। जो राजस्थान सरकार कभी करती नहीं है। एक विषय आया राजस्थान सरकार ने मानगढ़ धाम का पाठ हटा दिया। इससे बड़ा झूठा कोई नहीं है। मानगढ़ धाम का पाठ बहुत विस्तृत नहीं था। गोविंद गुरु जी के आंदोलन के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। अब उसको विस्तृत रूप से पाठ्यपुस्तक में लिया है ताकि बच्चे रोचक तरीके व विस्तृत रूप से पढ़ सकें। हमने उसे पाठ को कक्षा 5 विषय मे पूरे वर्णन के साथ शामिल किया है। इसलिए बिल्कुल मिथ्या बात हो जाती है कि राजस्थान सरकार ने मानगढ़ धाम का पाठ हटा दिया।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों के बारे में नहीं पढ़ाना व उनके पाठ हटा देना, ये बेईमानी है।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों के बारे में नहीं पढ़ाना व उनके पाठ हटा देना, ये बेईमानी है।

कालीबाई का पाठ पर्यावरण की पुस्तक में संक्षिप्त था, कक्षा 7 की पुस्तक में विस्तृत रूप से पढ़ाने वाले हैं

इतना ही नहीं, बहन काली बाई के बारे में भी इसी प्रकार की भ्रांतियां फैलाने की कोशिश की गई। काली बाई का पाठ हटा दिया गया। कालीबाई का पाठ पर्यावरण की पुस्तक में बहुत ही संक्षिप्त था। कालीबाई महान विदुषी लड़की थी, जो शिक्षा से बहुत प्रेम करती थी। उन्होंने उनके गुरु जी को छुड़वाया था। लेकिन मिथ्या प्रचार करना चाहते हैं। इस बार पाठ्यक्रम में बदला हुआ, विषय विशेषज्ञों ने माना की पाठ पर्यावरण की पुस्तक में नहीं बल्कि सामाजिक व हिंदी की पुस्तक में पढ़ाया जाना चाहिए। और इसीलिए हम कक्षा 7 की पुस्तक में (जो किताब छप रही है) उस पाठ को विस्तृत रूप से पढ़ाने वाले हैं।

कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने वर्षों तक कुछ नहीं किया

लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने वर्षों तक कुछ नहीं किया। आदिवासी, अनुसूचित जनजाति, गरीब लोगों को बेवकूफ बनाया और इस प्रकार का षड्यंत्र करके सरकार का बदनाम करना चाहते हैं। लेकिन सरकार सभी महापुरुषों को नमन करती है, और विशेष कर जो भी अभी चर्चा हो रही है,आदिवासी महापुरुषों के बारे में विदुषी बहनों के बारे में। हम उनका सम्मान भी करते हैं और पहले से ज्यादा उनकी विस्तृत जीवनी पढ़ाना चाहते हैं ताकि हमारे बच्चे हैं अच्छी तरह समझकर उनसे प्रेरणा ले सके।

कांग्रेस की मंशा है- महापुरुषों को विस्तृत रूप से नहीं पढ़ाया जाना चाहिए है

दिलावर ने कहा कि कांग्रेस की मंशा है कि महापुरुषों को विस्तृत रूप से नहीं पढ़ाया जाना चाहिए है, पूरी जानकार जानकारी नहीं देना चाहिए है। क्योंकि उसे कांग्रेस की पोल खुलती है, अगर वह पूरी जानकारी देंगे तो लोग कहेंगे कांग्रेस उनके पद चिन्हों पर क्यों नहीं चलती? मानगढ़ धाम के गोविंद गुरु राष्ट्रभक्त थे। मानगढ़ धाम का मामला राष्ट्रीयता से जुड़ा है और कांग्रेस में राष्ट्रीयता कहां है? कांग्रेस में राष्ट्रीयता नहीं बची है।

कांग्रेस को पीड़ा हो रही

वह तो आतंकवादियों का सहयोग भी करते हैं। हमारे देश में आराध्य देव श्रीराम का मंदिर बना तो उन्होंने उसका भी विरोध किया। कश्मीर से धारा 370 हटी, जगह-जगह तिरंगा झंडा लहरा रहा, उससे भी कांग्रेस को पीड़ा है। पहले आतंकवादी हिंदुस्तान में घुसकर लोगों को मार कर चले जाते थे। कांग्रेस कुछ बोलती नहीं थी, बस बयान देती थी। अब मोदी जी आतंकवादियों को घर में घुसकर मारने लगे हैं, तो इनको परेशानी होने लगी है। इसीलिए सरकार को बदनाम करना चाहते हैं। हमारे महापुरुषों के बारे में विस्तृत रूप से नहीं पढ़ाना चाहते हैं। हम विस्तृत रूप से पढ़ाना चाह रहे हैं तो इस प्रकार के षडयंत्र कर रहे है।

कबर महान कैसे? वह तो आक्रांता, बलात्कारी था, महाराणा प्रताप और शिवाजी महान थे

कांग्रेस वर्षों तक अकबर को महान पढ़ाती रही। अकबर महान कैसे हो सकता है? वो मीना बाजार लगाकर लड़कियों को उठाकर ले जाता था। उनके साथ बलात्कार, दुराचार करता था वह तो आक्रांता, बलात्कारी था। वो महान कैसे हो सकता है? महाराणा प्रताप और शिवाजी महान थे। इसलिए हम वास्तविक इतिहास को विस्तृत रूप से पढ़ना चाहते हैं।बच्चे भी अब लेटेस्ट पुस्तक के हिसाब से अपना जवाब दें।

सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है,यह बात कुछ लोगों को चुभ रही

उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान पहले देश में 11 नंबर पर था इस साल के सर्वेक्षण में तीसरे नंबर पर आ गया है। परीक्षा परिणाम की बात करें तो, 18 जिलों में 75% से ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले 18000 से ज्यादा बच्चे सरकारी स्कूल के है। जबकि निजी स्कूलों के 13000 से ज्यादा है। सीधा-सीधा 5000 का अंतर है यानी कि निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों का पढ़ाई का स्तर डेढ़ गुना बढ़ गया है। अभी तक ऐसा होता नहीं था, लोग मानते थे कि निजी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई होती होगी, अब सरकारी स्कूलों में उससे भी अच्छी पढ़ाई होती है। यह बात कुछ लोगों को चुभ रही है। विशेष करके कांग्रेस के लोगों को।

औरंगजेब में कोई विशेषता नहीं थी,वह तो अपने पुरखों को भी मार कर राजा बनने वाला लोग थे

उदयपुर की मोहन लाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की कुलपति द्वारा औरंगजेब को लेकर दिए बयान पर दिलावर ने कहा कि औरंगजेब में कोई विशेषता नहीं थी वह तो अपने पुरखों को भी मार कर राजा बनने वाला लोग थे। पिता की हत्या कर राज कोस लेते थे। ऐसे लोग अच्छे प्रशासक, अच्छे लोग हो कैसे हो सकते हैं। मैं उस बयां की निंदा करता हूं।



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