कोटा ग्रामीण के मंडाना थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में मंगलवार देर रात पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। दो गुटों में हुए झगड़े के दौरान बीच-बचाव कर रहे 30 वर्षीय युवक शंकर चारण की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल
गांव के बलराम और देवकरण के बीच पिछले लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी। इसी कड़ी में मंगलवार रात मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। बताया जा रहा है कि बलराम अपने साथियों के साथ पहले से ही घात लगाए बैठा था। जैसे ही देवकरण और अमरलाल वहां पहुंचे, बलराम व उसके साथियों ने अचानक हमला कर दिया।

मृतक शंकर पशुपालन और खेती करता था
इसी दौरान शंकर चारण ने दोनों पक्षों को समझाने और झगड़ा शांत कराने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच बलराम ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली शंकर को लग गई और वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने तुरंत उसे कोटा के मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शंकर चारण साधारण परिवार से था। वह पशुपालन कर जीवन यापन करता था और उसकी दो छोटी बेटियां हैं। गांव में उसकी छवि शांत और मददगार इंसान की बताई जा रही है। वहीं, हमलावर बलराम और उसके साथी लंबे समय से गांव में दबदबा बनाने के लिए बदमाशी करते रहे हैं और पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं।
ASI सीताराम ने बताया कि घटना के बाद मंडाना थाना पुलिस ने देर रात तक अलग-अलग जगहों पर दबिश दी। बुधवार सुबह पुलिस ने दो से तीन संदिग्ध बदमाशों को डिटेन कर लिया। फिलहाल पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में परिजनों की मौजूदगी में करवाया जा रहा है।
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