कोटा समेत 5 जिलों में होगी ऑफ साइट मॉक ड्रिल,रेडिएशन से जुड़ी आपदा निपटने की तैयारियों को जांचेंगे।
परमाणु बिजली घरों में किसी भी तरह के रेडिएशन से जुड़ी आपदा आने पर इससे निपटने के लिए प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े संस्थानों की क्या तैयारी है, इसकी जांच के लिए 29 अगस्त को चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा उपखंड के 16 गांवों, कोटा जिले के 3 गांवों, बूंदी

मॉक ड्रिल की तैयारियों पर चर्चा के लिए आयोजित वीसी में चित्तौड़गढ़ कलेक्टर आलोक रंजन, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त कोटा ममता तिवाड़ी, एडीएम रावतभाटा एवं इंसीडेंट कमाण्डर विनोद कुमार मल्हौत्रा, एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला, एसडीएम लाडपुरा गजेन्द्र सिंह, सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
इसके तहत 5 जिलों के कुल 21 गांवों में वार्निंग एवं एडवाईज, शेल्टर उपलब्ध कराना, फूड कंट्रोल, आयोडिन टेबलेट वितरण, डी-कंटेमिटेशन जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। जबकि रावतभाटा उपखंड के थमलाव गांव में संक्रमण से बचाव के लिए गांव खाली करवाने का भी मॉक अभ्यास होगा। मॉक ड्रिल से पहले 28 अगस्त को रावतभाटा स्थित न्यू कम्यूनिटी सेंटर में टेबल टॉप अभ्यास किया जाएगा।
मॉक ड्रिल की तैयारियों के संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट के वीसी रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा नियुक्त मेजर जनरल ए.के. वर्मा (सेवानिवृत्त वरिष्ठ सलाहकार) ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा परमाणु बिजली घरों में किसी तरह की रेडियोलॉजी या रेडिएशन की घटना होने की स्थिति में तैयारियों का पूर्वाभ्यास कर यह देखा जाएगा कि प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग कितने तैयार हैं एवं रेडिएशन की स्थिति में कैसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
वीसी के दौरान संभागीय आयुक्त कोटा पीयूष समारिया ने कहा कि मॉक ड्रिल से पहले संबंधित गांवों में लोगों में जागरुकता पैदा की जाए और उन्हें बताया जाए कि यह सिर्फ एक मॉक ड्रिल है। इससे किसी तरह से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में मॉक ड्रिल की जा रही है वहां पेम्पलेट वितरित कर उन्हें बताया जाए कि यह सिर्फ एक अभ्यास है, कोई भी इससे घबराएं नहीं।
ऑफ साइट मॉक ड्रिल के तहत 29 अगस्त को जिन गांवों में मॉक ड्रिल होनी है। वहां ग्राम स्तरीय समिति गांवों में जाकर आपदा की चेतावनी देगी। साथ ही पुलिस भीड़ नियंत्रण करेगी और लोगों को अपने घर के अंदर की रहने की सलाह देगी। इस दौरान कच्चे घरों एवं झोंपड़ी में रहने वाले लोगों को पक्के घरों में शरण लेने एवं मुहं पर गीला कपड़ा लगाने की सलाह दी जाएगी।
रेडिएशन से बचाव के लिए मेडिकल टीम आयोडिन टेबलेट की जगह प्रतिकात्मक रूप से चॉकलेट बांटेगी। बता दें आयोडिन टेबलेट से परमाणु रेडिएशन का प्रभाव काफी कम हो जाता है। सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र में ही आयोडिन टेबलेट दी जाती है। इस दौरान प्रभावित लोगों पर विकिरण प्रभाव की जांच का अभ्यास भी किया जाएगा।
इन गांवों में होगी मॉक ड्रिल
चित्तौड़गढ़ जिला– बाडोलिया, नागणी, जावराखुर्द, जावराकलां, थमलाव, जालमपुरा, खाजुपूरा, बडोदिया, धारडी, धावदखुर्द, बरखेड़ा, लसाना, रतनपुरा, मण्डेसरा, कोलपुरा एवं जालखेड़ा में मॉक ड्रिल होगी।
कोटा जिला– उपखंड रामगंजमंडी एवं लाडपुरा के खेडारूद्धा, खेरलीबावड़ी एवं केशवपुरा गांव।
बूंदी जिला– तालेड़ा तहसील का धनेश्वर गांव।
मंदसौर (मध्य प्रदेश)- गांधीसागर हाईडल कॉलोनी
नीमच (मध्य प्रदेश)-पारिछा गांव
संबंधित गांवों में मॉक अभ्यास की चेतावनी एवं सलाह देने के लिए गठित ग्राम स्तरीय समिति में पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, शिक्षक एवं सरपंच शामिल होंगे।
मॉक ड्रिल की तैयारियों पर चर्चा के लिए आयोजित वीसी में चित्तौड़गढ़ कलेक्टर आलोक रंजन, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त कोटा ममता तिवाड़ी, एडीएम रावतभाटा एवं इंसीडेंट कमाण्डर विनोद कुमार मल्हौत्रा, एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला, एसडीएम लाडपुरा गजेन्द्र सिंह, सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। तैयारियों की जानकारी ली।
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