महिला की लाश के पास बैठा उसका पति।
कोटा के एमबीएस अस्पताल के बाहर बूंदी जिले की झोपड़िया निवासी बुजुर्ग शांति बाई की मौत हो गई। महिला के पति रामलाल का आरोप है कि कई दिनों तक पत्नी का इलाज करवाने की कोशिश की, लेकिन दो बार पर्ची कटवाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें भर्ती नहीं किया
उन्होंने बताया कि वह खुद लकवा ग्रसित हैं, पत्नी को अंदर ले जाने में असमर्थ थे और अस्पताल स्टाफ ने मदद करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इलाज नहीं मिलने से शांति बाई ने अस्पताल के बाहर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

अस्पताल के बाहर गेट पर पड़ी महिला की लाश
शव को गांव ले जाने के पैसे तक नहीं
इस घटना की जानकारी मिलने पर ह्यूमन हेल्पलाइन संस्थापक मनोज जैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गरीब परिवार के पास शव गांव तक ले जाने के लिए एंबुलेंस का किराया तक नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपनी संस्था की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध करवाई और शव को गांव भिजवाया।
हालांकि, एमबीएस अस्पताल अधीक्षक धर्मराज मीणा ने परिजनों के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि शांति बाई और उनके पति तीन-चार दिन से अस्पताल परिसर के गार्डन में रह रहे थे। दोनों ही शराब पीते थे। स्टाफ और ट्रॉली बॉय ने कई बार उन्हें भर्ती होने को कहा, टिकट भी कटवा दिया गया, लेकिन दंपती खुद अंदर नहीं गए।
मीणा ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर समझाया, लेकिन वे अस्पताल में भर्ती होने से मना करते रहे और गांव जाने के लिए गाड़ी की मांग कर रहे थे।

गांव जाने के लिए ह्यूमन हेल्पलाइन संस्था के अध्यक्ष मनोज जैन ने करवाई एम्बुलेंस
भीख मांगकर करते गुजारा
अधीक्षक ने बताया कि आज भी इन दोनों ने शराब पी थी। परिसर में इस तरह के तीन से चार लोग और भी मौजूद हैं। यह लोग पहले दशहरा मैदान की तरफ रहते थे लेकिन अब वहां पर मेला लगने के कारण इन्हें वहां से भगा दिया तो अब यह यहीं पर रह रहे हैं। सड़क पर भीख मांग कर अपना गुजर बसर करते है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments