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कोटा के दादाबाड़ी इलाके में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवनिर्मित ओपीडी ब्लॉक का लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकार्पण किया गया। कोटा को मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। देश के प्रमुख शहरों में शामिल होगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बीमारी में व्यक्ति शारीरिक और आर्थिक दोनों रूप से प्रभावित होता है। हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में कोटा-बूंदी क्षेत्र के प्रत्येक मरीज को सस्ती और सुलभ चिकित्सा उपलब्ध हो सके। इसी दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। कोटा को मेडिकल हब के रूप में विकसित करेंगे शीघ्र ही कोटा चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में देश के प्रमुख शहरों में शामिल होगा।
500 करोड़ से अधिक के होंगे काम
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि कोटा में 500 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इसमें दोनों बड़े अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। कैंसर यूनिट, लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट, कार्डियो और स्पाइनल सर्जरी यूनिट के साथ नया शिशु चिकित्सालय भी बनाया जा रहा है। 195 करोड़ की लागत से बनने वाली कैंसर यूनिट में सभी उपचार एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। मेडिकल कॉलेज में लिवर रोगों की जांच के लिए फाइब्रो मशीन स्थापित होगी और बीएसएल-3 लैब से अब किसी भी वायरस की जांच कोटा में ही संभव होगी।
प्राथमिक सेवाओं का होगा विस्तार
बिरला ने कहा कि कोटा शहर के प्रत्येक वार्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। चार से छह वार्ड मिलाकर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकसित होगा, जिससे छोटी-बड़ी बीमारियों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा और मरीजों को प्रारंभिक इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल हेल्थ बस चलाई जाएगी, जिससे जांच और उपचार गांव-ढाणी तक उपलब्ध हो सकेगा।
आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा बैठक की
कलेक्ट्रेट सभागार में कोटा-बूंदी जिले के अधिकारियों के साथ राहत और आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा बैठक की। बिरला ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित लोगों को अधिक से अधिक राहत मिले, यह प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नुकसान के सर्वे में किसी भी प्रकार की लापरवाही और चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिरला ने कहा कि मैंने स्वयं प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात देखे हैं, कई परिवारों का सबकुछ बह गया है। ऐसे में प्रभावितों तक त्वरित और संवेदनशीलता के साथ राहत पहुंचाना आवश्यक है।
किसानों को अधिक से अधिक मुआवजा
अतिवृष्टि से सोयाबीन और उड़द की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बिरला ने निर्देश दिए कि लघु और सीमांत किसानों को एसडीआरएफ नॉर्म्स के तहत अधिक से अधिक मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू की जाए, ड्रेनेज सिस्टम चेक किया जाए और बिजली-पानी की व्यवस्था बहाल की जाए।
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