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चूरू में मंदिर दर्शन करने गए लोगों को पीटा। आरोप है कि- दलित होने के कारण मंदिर के अंदर जाने से रोक रहे थे। मामला सरदारशहर के साडासर गांव का है। लोगों ने सोमवार को थाने के बाहर प्रदर्शन किया।

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डीएसपी सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि कानाराम मेघवाल (19) ने FIR दी है। रिपोर्ट में बताया- गांव की गौ-शाला में भागवत कथा का 21 सितंबर को समापन हुआ।

शाम साढ़े 6 बजे गौ-शाला से गांव में बने मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान गांव के सभी लोग मंदिर के अंदर दर्शन करने जा रहे थे। मैं और संदीप, मुकेश, विष्णु, कालूराम भी मंदिर में जाने लगे।

इसी दौरान गांव के सुरदास स्वामी, शंकरलाल, हिम्मत कुमार, अनिल ने हमें यह कहते हुए रोक दिया कि आप दलित हो। हम आपको मंदिर में नहीं जाने देंगे। इस पर मैंने कहा कि मंदिर सभी का है, हमें भी दर्शन करने दो।

इतना कहने के बाद वे गुस्सा हो गए। उन्होंने हमारे साथ मारपीट की। शंकरलाल मंदिर के अंदर से डंडा उठाकर लाया और मुझ पर हमला कर दिया, इस दौरान मैं फर्श पर गिर गया। आरोपियों ने धमकी देकर कहा कि किसी व्यक्ति को मंदिर में नहीं घुसने देंगे।

5 PHOTOS में समझिए पूरा घटनाक्रम

भागवत कथा के समापन पर गांव में शोभायात्रा निकाली गई थी।

भागवत कथा के समापन पर गांव में शोभायात्रा निकाली गई थी।

कथावाचक संत शंकरदास के मंदिर से बाहर आने के बाद लोग मंदिर में दर्शन के लिए जाने लगे।

कथावाचक संत शंकरदास के मंदिर से बाहर आने के बाद लोग मंदिर में दर्शन के लिए जाने लगे।

आरोप है कि युवक के मंदिर में जाने पर गांव के कुछ लोगों ने उन्हें बाहर निकाल दिया।

आरोप है कि युवक के मंदिर में जाने पर गांव के कुछ लोगों ने उन्हें बाहर निकाल दिया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ युवक मंदिर के गेट के बाहर खड़े हो गए और उन्हें अंदर जाने से रोका।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ युवक मंदिर के गेट के बाहर खड़े हो गए और उन्हें अंदर जाने से रोका।

सोमवार को लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया।

सोमवार को लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया।

भागवत कथा में सभी ने दिया सहयोग भागीरथ ने बताया- कथा में सभी लोगों ने सहयोग दिया था, हमने भी सहयोग दिया। समापन पर शोभायात्रा निकाली गई थी।

हमारे बच्चे शोभायात्रा में नाचते हुए चल रहे थे। मंदिर में दर्शन करने से रोकना और मारपीट करना गलत है। भागीरथ ने कहा मंदिर में जाने के लिए इन्होंने पहले से पाबंदी लगाई हुई थी। मैं कभी भी मंदिर के अंदर नहीं गया।

कथावाचक ने कहा था इसीलिए दर्शन के लिए गए कालूराम ने बताया- शोभायात्रा में हम कथावाचक संत शंकरदास के साथ जा रहे थे। महाराज ने कहा कि मंदिर में सबको धोक लगानी है। इसके बाद महाराज जी मंदिर में चले गए।

हम मंदिर में जाने लगे तो दूसरे पक्ष के लोगों ने कहा कि एससी-एसटी के लोग मंदिर में नहीं जा सकते। हम फिर भी जाने लगे तो उन्होंने रोका और कहा कि मंदिर अपवित्र हो जाएगा। हम अंदर गए, इन लोगों ने हमारे साथ मारपीट की।

पुलिस ने आरोपियों के घर दी दबिश डीएसपी सत्यनारायण गोदारा ने कहा- सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और जांच शुरू की। मंदिर की डीवीआर पुलिस थाने ले आई है। पुलिस टीम ने गांव में आरोपियों के घर दबिश दी है। आरोपी गांव से फरार हो गए हैं।



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