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कैबिनेट बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

विधानसभा सत्र से पहले रविवार को सीएम भजनलाल शर्मा की कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कैबिनेट ने राजस्थान विधि विरूद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी हैं। इससे पहले इसी साल 3 फरवरी को यह विधेयक विधानसभा में पेश किया गया

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लेकिन तब इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया था। लेकिन आज कैबिनेट ने इस विधेयक में आजीवन कारावास की सजा के प्रावधान सहित अन्य संशोधनों को मंजूरी दी हैं। सरकार सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस बिल को पेश कर सकती हैं।

इसके साथ ही आज कैबिनेट बैठक ने पीएम सूर्य घर 150 यूनिट निशुल्क बिजली योजना को भी मंजूरी दी। इससे प्रदेश के 1 करोड़ 4 लाख उपभोक्ताओं को प्रति माह 150 यूनिट बिजली फ्री मिल सकेगी।

जबरन धर्म परिवर्तन पर आजीवन कारावास विधेयक में संशोधन की जानकारी देते हुए मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि अवैध धर्मान्तरण पर न्यूनतम 7 साल एवं अधिकतम 14 साल के कारावास एवं न्यूनतम 5 लाख रूपए का जुर्माना, नाबालिग, दिव्यांग, महिला, एससी, एसटी वर्ग के पीड़ित के विरूद्ध ऐसा अपराध करने पर न्यूनतम 10 साल एवं अधिकतम 20 साल के कारावास एवं न्यूनतम 10 लाख रूपए का जुर्माने का प्रावधान किया गया हैं।

इसी तरह से सामूहिक धर्म परिवर्तन पर न्यूनतम 20 साल एवं अधिकतम आजीवन कारावास एवं न्यूनतम 25 लाख रूपए के जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। धर्म परिवर्तन के लिए विदेशी संस्थान एवं अवैध संस्थान से धन प्राप्त करने पर न्यूनतम 10 साल एवं अधिकतम 20 साल के कारावास एवं न्यूनतम 20 लाख रूपए जुर्माना प्रस्तावित किया गया है।

भय, बल, विवाह का वादा, विवाह, नाबालिग, महिला अवैध व्यापार जैसे अपराधों के लिए न्यूनतम 20 साल एवं अधिकतम आजीवन कारावास एवं न्यूनतम 30 लाख रूपए का जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है।



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