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दौसा में बांदीकुई से 2 किलोमीटर दूर बहने वाली सांवा नदी में 25 साल बाद पानी आया। ग्रामीणों ने डीजे लगाकर जश्न मनाया।

राजस्थान में मानसून सीजन के 100 दिन (1 जून से 9 सितंबर तक) में 700 मिमी. से ज्यादा बरसात हो चुकी है। अब भी मानसून सीजन खत्म नहीं हुआ है। मौसम एक्सपर्ट इस साल हुई भारी बारिश को क्लाइमेट चेंज का असर मान रहे हैं। हालांकि, अगले 7 दिन अब बारिश की संभावना

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इधर मंगलवार को दौसा में 25 साल से सूखी नदी में पानी आया तो ग्रामीणों ने जमकर जश्न मनाया। वहीं, श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में गांव 70 जीबी में मंगलवार शाम 4 बजे घग्गर नदी पार कर रहे तीन युवक पानी में फंस गए। दो युवक तो खुद ही निकल आए। तीसरा दलदल में फंस गया, जिसे ट्यूब डालकर बाहर निकाला गया।

दौसा में बांदीकुई से 2 किलोमीटर दूर बहने वाली सांवा नदी में 25 साल बाद पानी आया। मंगलवार सुबह नदी में पानी देखकर ग्रामीणों ने डीजे लगाकर जश्न मनाया।

दौसा में बांदीकुई से 2 किलोमीटर दूर बहने वाली सांवा नदी में 25 साल बाद पानी आया। मंगलवार सुबह नदी में पानी देखकर ग्रामीणों ने डीजे लगाकर जश्न मनाया।

श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में मंगलवार घग्गर नदी पार कर रहे तीन युवक पानी में फंस गए। दो युवक तो खुद ही निकल आए। तीसरा दलदल में फंस गया, जिसे ट्यूब डालकर बाहर निकाला गया।

श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में मंगलवार घग्गर नदी पार कर रहे तीन युवक पानी में फंस गए। दो युवक तो खुद ही निकल आए। तीसरा दलदल में फंस गया, जिसे ट्यूब डालकर बाहर निकाला गया।

आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में उत्तर-पश्चिम हवा के स्ट्रॉन्ग होने के कारण अगले 7 दिन मौसम ड्राई रहने का अनुमान है। केवल कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर बादल बनने और छुटपुट बारिश को छोड़कर अधिकांश जगह दिनभर आसमान साफ रहने, धूप निकलने के साथ तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है।

ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर शेष सभी जगह मौसम साफ रहा। हनुमानगढ़, जैसलमेर में मंगलवार को दिन में हल्के बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई।जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर संभाग के सभी जिलों और जोधपुर संभाग के अधिकांश जिलों में दिनभर धूप रही। शाम को हल्की सुहावनी हवाएं चली।

कुल 701.6MM बरसात हो चुकी मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले 20 साल में क्लाइमेट चेंज का असर ही है कि राजस्थान जैसे सूखे प्रांत में अब बारिश औसत से ज्यादा होने लगी है। मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्ट देखें तो इस सीजन में 1 जून से अब तक (9 सितंबर तक) कुल 701.6MM बरसात हो चुकी है, जबकि मानसून अभी विदा नहीं हुआ है। साल 1917 के मानसून सीजन में राजस्थान में कुल 844.2MM बरसात दर्ज हुई थी, जो राजस्थान अब तक की सर्वाधिक बरसात होने का रिकॉर्ड है।

पाली में सूरजपोल चौराहे के पास सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे अचानक मकान की बालकनी धराशायी हो गई।

पाली में सूरजपोल चौराहे के पास सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे अचानक मकान की बालकनी धराशायी हो गई।

मकान की बालकनी का मलबा इस तरह पड़ा रहा। बाद में पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर लोगों को सावधान किया।

मकान की बालकनी का मलबा इस तरह पड़ा रहा। बाद में पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर लोगों को सावधान किया।

इस बार जुलाई में सबसे ज्यादा बरसात मानसून के इस सीजन में पिछले तीन माह में सबसे ज्यादा बरसात जुलाई में हुई। जून में 125.3, जुलाई में 290 और अगस्त में 184MM बरसात दर्ज हुई। जबकि 1 से 8 सितंबर तक 94MM बरसात हो चुकी है।

63 फीसदी बांध फुल इस सीजन में अब तक 63 फीसदी से ज्यादा बांध ओवरफ्लो हो चुके हैं। राजस्थान में छोटे-बड़े 693 बांधों में से 437 बांध फुल हो चुके हैं, जबकि 164 बांध ऐसे हैं, जहां 25 से लेकर 90 फीसदी तक भरे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इस बार बीसलपुर बांध से 24 जुलाई से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।



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