राजस्थान में भारी बरसात का दौर फिर से शुरू हो गया है। कोटा, सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी में बाढ़ के हालात हो गए हैं।
प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ सेना की मदद ली। बूंदी के नैनवां में 9 घंटे में 13 इंच पानी बरसा। जयपुर में शनिवार सुबह तेज बारिश हुई।
मौसम विभाग ने शनिवार को 11 जिलों में तेज बरसात का अलर्ट जारी किया है। इनमें 2 जिलों (भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़) में भारी बरसात का अलर्ट है।
आज इन जिलों में स्कूलों की छुट्टी बारिश के चलते चित्तौड़गढ़, बारां, टोंक, सवाई माधोपुर, झालावाड़, कोटा, बूंदी, डूंगरपुर, भीलवाड़ा में शनिवार को स्कूलों की छुट्टी रही।

टोंक के देवली उपखंड के राजमहल कस्बे में भी शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक तेज बारिश हुई। इससे मुख्य बाजार में आधा से एक फीट तक पानी बहा।

टोंक में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के चलते सोप कस्बे के महात्मा गांधी मॉडल स्कूल में पानी भर गया।

क्यों अचानक इतनी तेज बरसात हुई मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक मानसून पिछले दो सप्ताह से इनएक्टिव मोड में था। मानसून ट्रफ के नॉर्मल पॉजीशन में आने से मानसून फिर एक्टिव फेज में आया। एक्टिव फेज में आने के साथ ही मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेन सिस्टम एक्टिव हुआ। इस सिस्टम में मूवमेंट नहीं होने से यही स्टेबल रहा। इस कारण से राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में इतनी भारी बारिश देखने को मिली।

शुक्रवार को कोटा के कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। सुल्तानपुर में 4-4 फीट तक पानी भर गया। लोग पानी में तैरते नजर आए।

सवाई माधोपुर में नेशनल हाईवे-552 पर तेज बारिश के कारण पुलिया टूट गई। इससे ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित हो गया है।
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