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राजस्थान को दुग्ध उत्पादन में अव्वल बनाने को लेकर डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई चर्चा।
राजस्थान सरकार राज्य को दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए बहुआयामी रणनीतियों पर कार्य कर रही है। पशुपालन, डेयरी, गोपालन और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने रविवार को झालावाड़ जिले में एक महत्वपूर्ण बैठक में यह बात कही।
जिला परिषद के सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में गौशाला संचालक, पशुपालक और पशुपालन व डेयरी विभाग के अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने बताया कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गिर गाय में ब्राजील से आयातित सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गिर गाय के दूध के उत्पादन में दोगुनी से भी अधिक वृद्धि होने की संभावना है।
कुमावत ने बताया कि प्रदेश में गाय की संख्या बढ़ाने के लिए सैक्स सॉर्टेड सीमन योजना लागू की गई है। इससे प्रदेश में गोवंश की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सैक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में यह तकनीक पशुपालकों के लिए महंगी है। इसलिए सरकार इसे सस्ती दर पर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से मादा पशुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी और नर पशुओं की संख्या में कमी आएगी।
कुमावत ने दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में समितियां किसानों से नियमित संवाद करें और अपने कार्यों को और प्रभावी बनाएं। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा।
सांसद दुष्यंत सिंह ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक में झालावाड़ बारां सांसद श्री दुष्यंत सिंह ने कहा कि पशुपालकों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्रीय स्तर पर नस्ल सुधार कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाए और दुग्ध क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर गांवों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गौशालाओं के आधुनिकीकरण, पशु चिकित्सा सुविधाओं की मजबूती और चारे की नियमित आपूर्ति पर भी बल दिया।
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि जिला प्रशासन पशुपालकों और गौशालाओं को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जमीनी क्रियान्विति में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करें।
बैठक में विधायक गोविन्द रानीपुरिया, विधायक कालूराम मेघवाल, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर, आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर शर्मा, जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, सीईओ शंभूदयाल मीणा, जिला स्तरीय अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रतिनिधि तथा जिले के प्रमुख गोशाला संचालक उपस्थित रहे।
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