कोटा के दिल्लीपुरा गांव में 4 साल पहले बनी सरकारी स्कूल की बिल्डिंग घटिया निर्माण के कारण जर्जर हालत में है। कमरों में फर्श जगह-जगह से उखड़ गया। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हो गई।
शनिवार को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे तो स्कूल की हालत देखकर भड़क गए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने पूछा- इतनी खराब क्वालिटी का निर्माण होने के बावजूद निगरानी क्यों नहीं की गई।
ऊर्जा मंत्री ने स्कूल की बिल्डिंग का निर्माण करने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए और 42 लाख रुपए वसूली करने के लिए कहा। उन्होंने कहा- रुपए नहीं देने पर इसकी संपत्ति जब्त की जाए। नहीं तो गिरा देंगे, मैं गिराऊंगा उसकी संपत्ति।

ठेकेदार फर्म ने मिट्टी पर ही टाइलें बिछा दी थी। सभी कमरों में टाइलें उखड़ गई है।
4 साल पहले बने थे 6 नए कमरे और बरामदा जानकारी के अनुसार, दिल्लीपुरा गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में 4 साल पहले 6 नए कमरों और बरामदे का निर्माण हुआ था। यह पूरा काम हाजी इंटरप्राइजेज फर्म ने कराया था। निर्माण काम में ठेकेदार फर्म ने बेहद ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है।
टाइलें मिट्टी के ऊपर ही बिछा दी गई थी। निर्माण के 6 महीने में ही यह नई बिल्डिंग जर्जर होने लग गई। कमरों में लगी टाइलें उखड़ गई और गड्ढे बन गए। ग्रामीणों ने अपने बच्चों को इन कमरों में बैठाने से साफ मना कर दिया था।
मंत्री बोले- फर्म से वसूली जाए घटिया ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने स्कूल की बिल्डिंग की हालत देखी तो भड़क गए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मंत्री ने कमरों में फर्श पर लगी टाइल्स उखड़वाकर देखी तो उनके नीचे गड्ढे दिखाई दिए। निर्माण काम में केवल लीपापोती की गई थी।
मंत्री ने मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और पूछा- इतनी खराब क्वालिटी का निर्माण होने के बावजूद निगरानी क्यों नहीं की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन का निर्माण करने वाली संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाए और घटिया काम की पूरी वसूली की जाए।

स्कूल की दीवारों में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई। मंत्री ने घटिया निर्माण देखा तो अधिकारियों को फटकार लगाई।
काम में लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं मंत्री हीरालाल नागर ने मौके से ही फोन कर उच्चाधिकारियों से बात की। उन्होंने कहा- जनता के पैसे से किए जा रहे निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी लापरवाही शिक्षा के साथ खिलवाड़ है।
मंत्री ने कहा- ठेकेदार फर्म से पूरे 42 लाख रुपए की वसूली की जाए। रुपए नहीं देने पर इसकी संपत्ति जब्त की जाए। नहीं तो गिरा देंगे, मैं गिराऊंगा इसकी संपत्ति। उन्होंने कहा- ठेकेदार फर्म ने जहां-जहां काम किए हैं और कब-कब किए हैं, उनकी जांच कर सोमवार तक रिपोर्ट भेजें। रिपोर्ट को शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजा जाएगा।
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