सीकर में 15 अगस्त के दिन फायरिंग और युवकों पर जानलेवा हमला करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए सलवार सूट पहना हुआ था। बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें सलवार सूट में ही मौके पर लेकर
बलारां थानाधिकारी नेकीराम ने बताया- 15 अगस्त को विकास कुमार निवासी नरोदड़ा ने केस दर्ज करवाया था कि वह लक्ष्मणगढ़ से कैरु (तहसील नवलगढ़) दोस्तों के साथ अलग-अलग गाड़ियों में बैठकर जा रहा था। विकास कुमार अपने दोस्त नरेंद्र की थार गाड़ी में बैठा हुआ था। सभी दोस्त भात कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। दोपहर 12:05 बजे पर जैसे ही बलारां से खेड़ी जाने वाले रास्ते पर पहुंचे। पीछे से दो-तीन कैंपर गाड़ियां आईं। एक कैंपर गाड़ी ने विकास के दोस्त राकेश की गाड़ी के बराबर लाकर हथियार दिखाए। गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद कैंपर गाड़ी ने थार गाड़ी को टक्कर मार दी।

आरोपियों को सलवार सूट पहनाकर मौका तस्दीक करवाना लोगों के लिए चर्चा का विषय रहा।
लोहे के पाइप और पिस्टल लेकर आए बदमाश
इसके बाद एक दूसरी कैंपर गाड़ी और आई। थार गाड़ी के आगे आकर टक्कर मारने लगी। इन गाड़ियों में सवार सुमेर उर्फ वसूली बैरास, रजनीश पूनियां, योगेश, विकास, बंटी और 4-5 अन्य लड़के थे। जो हाथों में लोहे के पाइप और पिस्टल लेकर उतरे। सुमेर और रजनीश के पास हाथों में पिस्टल थी। सुमेर ने जान से मारने की नियत से विकास की तरफ फायर किया, लेकिन विकास नीचे झुक गया। इसके बाद सुमेर के बाकी साथियों ने नरेंद्र के साथ मारपीट करना शुरू किया। नरेंद्र अपनी जान बचाकर खेतों की तरफ भाग गया। ऐसे में बदमाशों ने विकास के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। सुमेर ने जाते वक्त विकास के पैर पर पिस्टल से फायर किया। साथ ही थार गाड़ी को भी तोड़ दिया।

आरोपियों ने थार गाड़ी को लोहे की पाइपों से तोड़ा था।
इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस रिपोर्ट पर मामला दर्ज करके जांच शुरू की। घटना के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लक्ष्मणगढ़ इलाके में ही आए हुए हैं। तीनों आरोपी पुलिस से बचने के लिए सलवार सूट पहनकर छिप रहे थे। लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। गुरुवार को पुलिस ने मामले में आरोपी नवीन कुमार (19) पुत्र श्रवण कुमार मेघवाल, संदीप सिंह (24) पुत्र राजेंद्र सिंह और शाहरुख (21) पुत्र नजीर खान को गिरफ्तार कर लिया।
इनकी गिरफ्तारी के बाद आज पुलिस इन्हें मौका तस्दीक के लिए लेकर गई। इस दौरान आरोपियों को वही सलवार-सूट पहनाए गए,जिनमें वह पुलिस को मिले। आरोपी की गिरफ्तारी में डीएसटी टीम के इंचार्ज वीरेंद्र यादव सहित टीम और बलारां पुलिस टीम की भूमिका रही।
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