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कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करते हुए मंत्रालयिक कर्मचारी।

वित्त विभाग के नॉर्म्स अनुसार अपने कैडर रिव्यू और कार्य-विभाजन की मांग और 12 वर्ष बाद भी बार-बार दस्तावेज सत्यापन और दमनात्मक कार्यवाही से नाराज पंचायती राज मंत्रालय कर्मचारियों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्

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सुबह करीब 11 बजे जालोर के अस्पताल चौराहा से जिला कलेक्टर कार्यालय तक बड़ी संख्या में मंत्रालयिक कर्मचारियों ने तख्तियों लेकर पुकार पदयात्रा निकाली। काफी संख्या में महिला कर्मचारी भी इस पदयात्रा में शामिल हुई। पदयात्रा जालोर जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां सभी ने सरकार के प्रति नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारी।

मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारी।

कर्मचारियों का आरोप है कि जब- जब पंचायतीराज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारियों का कोई हित साधक निर्णय होने प्रत्याशित होता है, तभी संवर्ग विशेष के लोगों द्वारा फेक एवं कूटरचित शिकायतें सरकार के समक्ष करते हुए जांचें प्रारम्भ करा दी जाती है। शिकायत में मध्यप्रदेश के सरकारी माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के प्रमाण पत्रों को ही अमान्य बताये जाने की चेष्टा की जा रही है। इन कर्मचारियों की संविदा सेवा के दौरान स्वयं सरकार ने इनको सरकारी खर्चे पर स्किल बढ़ाने के लिए आरएससीआईटी कोर्स कराया, उसे ही अनुभव के साथ ओवरलेपिंग के नाम से डराया जा रहा है। कर्मचारियों का आक्रोश है कि किसी संवर्ग विशेष की शह पर एक षडयंत्र के तहत पूरे 16 हजार के कैडर को फर्जी साबित करने में तुले है।

यह हैं प्रमुख 5 मांगे

  • – मंत्रालयिक नेतृत्व पर दमनात्मक कार्यवाहियों तत्काल बंद की जावे।
  • – मंत्रालयिक कर्मचारियों दस्तावेजों के बार-बार जांचों की प्रक्रिया बंद की जावे। जब जिला कलेक्टरों को विगत भर्तियों की जाँच का जिम्मा दिये जाने का नीतिगत निर्णय लिया हुआ है तब फिर से मुख्यालय स्तर से जांच औचित्यहीन है।
  • – सभी विभागों की भांति वित्त विभाग के तय नॉर्म्स एवं बजट घोषणा 2025 के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं में मंत्रालयिक संवर्ग का कैडर पुनर्गठन कर पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराए जावें।
  • – पंचायतों में लेखों की पारदर्शिता के लिए पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की समकक्षता के आधार पर स्वतंत्र कार्य-विभाजन तय किया जाकर उसे नियमों में व्यवस्थित किया जावे।
  • – पंचायती राज में सर्वप्रथम विभिन्न समकक्ष कर्मचारी संवर्गों की स्टेट पेरिटी मेंटेन की जावे।
शहर में रैली निकालते हुए मंत्रालय कर्मचारी।

शहर में रैली निकालते हुए मंत्रालय कर्मचारी।



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