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पैक्स कर्मचारियों ने डूंगरपुर उप रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन।

डूंगरपुर राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को पैक्स कर्मचारियों ने रजिस्ट्रार कार्यालयों के बाहर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि

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डूंगरपुर जिले में यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय स्थित उप रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने किया गया। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष के.पी. सिंह ने की, जबकि हेमन्त व्यास और कारीलाल मीणा मुख्य मेहमान के रूप में मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

जिलाध्यक्ष के.पी. सिंह ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर लगातार चुप्पी साधे हुए है और यदि 29 सितंबर तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पैक्स कर्मचारी पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।

प्रदेश संघर्ष समिति के सदस्य हेमन्त व्यास ने बताया कि सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इससे पहले 18 सितंबर को औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत एक विधिक नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद विभाग ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया, जिसके कारण कर्मचारियों को सांकेतिक धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पैक्स कर्मचारियों ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी।

पैक्स कर्मचारियों ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी।

कारीलाल मीणा ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगें गिनाईं। इनमें ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों का कॉमन कैडर बनाकर नियोक्ता निर्धारण करना, सहकारी बैंकों में वर्षों से रिक्त ऋण पर्यवेक्षक पदों पर समिति व्यवस्थापकों से 100 प्रतिशत नियुक्ति करना, नियमितीकरण प्रक्रिया को फिर से शुरू करना, सेवा नियम 2022 में संशोधन कर नियम कार्मिक विभाग से बनवाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय सहकारी बैंकों में 20 प्रतिशत आरक्षित कोटे के नियमों में संशोधन कर आयु सीमा व अनुभव की बाध्यता हटाने और पैक्स स्तर पर बैंकिंग काउंटर से होने वाले भुगतान पर कमीशन का प्रावधान करने की भी मांग की गई है।

संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि पैक्स कर्मचारियों को महीनों से वेतन संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की हठधर्मिता और विभाग की उपेक्षा ने कर्मचारियों को मजबूर कर दिया है। पैक्स व्यवस्थापकों ने एकजुट होकर उप रजिस्ट्रार कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि 29 सितंबर से पहले मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज होगा और सरकार व सहकारिता विभाग जिम्मेदार होंगे। धरना प्रदर्शन में जिले के 165 व्यवस्थापक के साथ 200 सहायक कर्मचारी साथियों की उपस्थिति रही।

कई काम प्रभावित होंगे धरना स्थल पर संयोजकों ने चेताया कि 29 सितंबर से कार्य बहिष्कार शुरू होते ही कई काम प्रभावित होंगे। पैक्स कंप्यूटरीकरण, फसली ऋण वितरण और वसूली, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, सहकार सदस्यता अभियान और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होंगी।



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