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374 राजसेस राजकीय कॉलेजों में मंत्रालयिक कर्मचारियों की संविदा नियुक्तियों के विरोध में कर्मचारी संगठन ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
राजसेस सोसाइटी के अधीन नए कॉलेजों में मंत्रालयिक कर्मचारियों की संविदा नियुक्तियों को लेकर विरोध बढ़ गया है। कर्मचारी संगठन ने डीडवाना-कुचामन के जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
2021 से 2025 के बीच प्रदेश में 374 राजसेस राजकीय कॉलेज खोले गए हैं। इन कॉलेजों में मंत्रालयिक और लिपिकीय संवर्ग के 1496 स्वीकृत पद खाली पड़े हैं।
31 अगस्त 2025 को हुई मंत्रिमंडल बैठक में इन पदों पर संविदा आधार पर भर्ती का प्रस्ताव पास किया गया। इसके तहत कार्यालय लिपिकों को 5 साल के लिए 13-14 हजार रुपए मासिक वेतन पर रखा जाएगा।
कर्मचारी संगठन का कहना है कि संविदा नियुक्तियां मंत्रालयिक कर्मचारियों की पदोन्नति को प्रभावित करेंगी। साथ ही महाविद्यालयों का कार्यभार भी पूरा नहीं हो पाएगा।
संगठन ने मांग की है कि सभी मंत्रालयिक पदों को कॉलेज शिक्षा विभाग के मूल संवर्ग में शामिल किया जाए। इन पदों पर सीधी भर्ती, पदोन्नति और ट्रांसफर के जरिए नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
संगठन का मानना है कि संविदा नियुक्तियां राज्य, संस्था और कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। उन्होंने सरकार से नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
ये रहे मौजूद
रामनिवास जाट, रामप्रकाश नेहरा, जतिन कुमार, रेखा, मनीषा कुमारी आदि मौजूद रहे।
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