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राजस्थान में कफ सिरप से शनिवार को तीसरी मौत हो गई। चूरू के 6 साल के बच्चे को तबीयत बिगड़ने पर जयपुर रेफर किया था। यहां जेके लोन अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे ने आज सुबह 10 बजे दम तोड़ दिया। इससे पहले भरतपुर और सीकर में सिरप पीने से दो बच्चों की मौत ह

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जेके लोन हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आर.एन सेरा ने बताया- अनस (6) पुत्र नवाब निवासी चूरू आज सुबह 4 बजे जेके लोन हॉस्पिटल पहुंचा था। बच्चे का चूरू हॉस्पिटल में तीन दिन से इलाज चल रहा था। शुरुआती जांच में पता चला कि बच्चे को दिमागी बुखार था। उसकी कंडीशन भी बहुत ज्यादा सीरियस थी। हमने काफी कोशिश की, लेकिन बच्चे को बचा नहीं सके।

चार दिन पहले सिरप पिलाई थी परिजनों ने बताया – उन्होंने 4 दिन पहले बच्चे को खांसी-जुकाम होने पर खांसी की सिरप दी थी। ये सिरप कहां से लाई गई, इसका कोई जिक्र नहीं है। हालांकि सिरप डेक्सट्रोमेथोरपन हाइड्रोब्रोमाइड कॉम्बिनेशन की होने की बात सामने आ रही है।

डेक्सट्रोमेथोरपन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप, जिससे राजस्थान में बच्चों की मौत हुई।

डेक्सट्रोमेथोरपन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप, जिससे राजस्थान में बच्चों की मौत हुई।

भरतपुर में बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ी भरतपुर में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में मिली कफ सिरप पीने से बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई। चक्कर आने लगे और बेचैनी हो गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन महिला को आरबीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। रामदेई (60) निवासी गुंडवा ने बताया- 3 अक्टूबर मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए मैंने घर पर रखा कफ सिरप पी लिया। यह सिरप 7 दिन पहले सैटेलाइट हॉस्पिटल से ली थी।

भरतपुर में कफ सिरप पीने से महिला को चक्कर आने लगे।

भरतपुर में कफ सिरप पीने से महिला को चक्कर आने लगे।

पोते को भी खांसी थी। शुक्रवार को ही उसने भी खांसी की दवा पी थी। इसके बाद उसे भी चक्कर आने लगे। दोनों की शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस बीच रात को सांस लेने में दिक्कत होने पर महिला ने सिरप और पी ली।

महिला ने बताया- दवा लेने के बाद वह 2 घंटे तक सोती रही। रात 12 वह उठी तो उसके शरीर में खुजली होने लगी। पूरे चेहरे पर जलन होने लगी। मुश्किल से कुछ देर सोई, फिर उठी तो चक्कर आने लगे और कुछ देर बाद ही उल्टियां हुई। पूरी खबर पढ़ें…

अब जानिए- कफ सिरप से मौत का दावा, सरकार की क्लीनचिट

खांसी की दवा पीने से बच्चे की मौत का दावा सीकर में सरकारी हॉस्पिटल से मिली खांसी की दवा पीने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। दावा किया जा रहा है कि सिरप पीने के बाद ही बच्चे की सांसें थम गई। सीकर के श्रीमाधोपुर और भरतपुर में ऐसे ही मामले सामने आ चुके हैं। वहां खांसी की दवा पीने से तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। भरतपुर में डॉक्टर ने खुद इसे पीकर जांच की थी। उनकी भी तबीयत बिगड़ गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

कफ-सिरप पीने के बाद नहीं उठा 2 साल का तीर्थराज भरतपुर में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में मिली खांसी की सिरप से 2 साल के बच्चे की मौत हो गई। घरवालों का दावा है कि वैर के सरकारी अस्पताल से खांसी की दवा ली थी। इसको देते ही बच्चा अचेत हो गया। 4 दिन तक जेके लोन अस्पताल जयपुर में भर्ती रहा। आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें…

सरकार जांच में दवा को सही बता चुकी जिस सिरप डेक्सट्रोमेथोरपन हाइड्रोब्रोमाइड कॉम्बिनेशन से बच्चों की मौत की बात सामने आ रही है। इसे सरकारी जांच में सही पाई पाया गया है। सरकार से जारी रिपोर्ट के मुताबिक ये बैच सीकर, झुंझुनूं, भरतपुर समेत अन्य जिलों से उठाए गए थे, जिनको जांच के लिए ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट की लैब में भिजवाया गया था। लैब की शुक्रवार को रिपोर्ट आई। रिपोर्ट में इन सभी बैच के सैंपल को सही पाया गया है।

जोधपुर में मंत्री बोले- सिरप की वजह से मौतें नहीं हुईं

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कफ सिरप को लेकर मचे बवाल पर जोधपुर के सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कफ सिरप की वजह से मौतें नहीं हुई हैं। हमने इसकी कमेटी से जांच करवा दी है। जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया। दो बार दवा की जांच करवा चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें

एमपी में जहरीली दवा से 11 बच्चों की मौत:डिप्टी सीएम बोले- मौतें सिरप से नहीं हुई एमपी के छिंदवाड़ा में किडनी फेल होने से बच्चों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। शनिवार को नागपुर में इलाज के दौरान डेढ़ साल की योगिता ठाकरे ने दम तोड़ दिया। एक महीने में अब तक 11 बच्चों की जान जा चुकी है।बड़कुई गांव की योगिता पिछले 10 दिनों से एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। उसे पेशाब न आने की समस्या (किडनी फेलियर) के चलते पहले परासिया अस्पताल लाया गया था, जहां से हालत गंभीर होने पर रेफर किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

तमिलनाडु, एमपी के बाद केरल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप बैन तमिलनाडु के बाद शनिवार को मध्य प्रदेश और केरल ने भी कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप को बैन कर दिया। इस सिरप से मध्यप्रदेश में 27 दिन में 10 बच्चों की मौत हो गई। उधर, राजस्थान में डेक्सट्रोमेथोरपन हाइड्रोब्रोमाइड कफ सिरप और उसे बनाने वाली कंपनी केसंस फार्मा को भी प्रतिबंधित कर दिया गया। इस कंपनी का प्लांट जयपुर में है। इस सिरप से राजस्थान में 2 बच्चों की जान गई थी। पूरी खबर पढ़ें …

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कफ सिरप का ओवरडोज बन सकता है मौत का कारण:कोमा में भी जा सकते हैं बच्चे, एक्सपर्ट ने बताया- खांसी की दवा कब दें

राजस्थान में कफ सिरप पीने से 2 बच्चों की मौत और तबीयत खराब होने की घटनाओं के बाद कई परिवार दहशत में हैं। हालांकि, जांच में कफ सिरप में ऐसा कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है, लेकिन सरकार ने उस कंपनी की सभी 19 दवाओं को बैन कर दिया है। इधर स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बच्चों को डेक्सट्रोमेथोरपन नाम की खांसी की दवा नहीं लिखी गई थी। पूरी खबर पढ़ें…



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