राधाष्टमी पर रविवार को पाली में इस्कॉन सहित कई मंदिरों में दिन भर धार्मिक कार्यक्रम हुए। जिसमें बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। राधाष्टमी को लेकर कई परिजनों ने अपनी लाडली बिटिया को राधा रानी की तरह मनमोहक शृंगार किया। सोशल मीडिया पर अपने फोटो-वीडियो अपलो
राधा-अष्टमी का हुआ आयोजन
राधा अष्टमी पर राधा-कृष्ण को नई पोशाक से सजाया जाता है। वेदी को चमकीले, रंगीन फूलों से सजाया जाता है जो हर जगह अपनी खुशबू बिखेरते हैं वैष्णव आचार्यों द्वारा रचित अद्भुत गीतों को गाकर भक्त कीर्तन करते हैं और श्री राधारानी की महिमा गाते हैं।
फलों के रस से करवाया जाता है स्नान
भगवान की प्रतिमाओं को दूध, दही, घी, शहद और गुड़ के पानी से नहलाया जाता है और उसके बाद कस्तूरी, सेब, तरबूज, अनानास, अनार, संतरा, मीठा चूना, पपीता, अंगूर आदि फलों के रस से स्नान कराया जाता है। भक्त श्री राधिका स्त्रोत गाते हैं। आरती के बाद 108 कलशों के पवित्र जल से देवताओं को स्नान कराया जाता है। इसके बाद विभिन्न प्रकार के फूलों की वर्षा की जाती है। अभिषेक के बाद, श्री राधा कृष्ण को छप्पन भोग का भोग लगाया जाता है।

पाली के अमरनाथ नगर (बापू नगर विस्तार) में राधा अष्टमी इस्कॉन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद भक्त।

पाली के अमरनाथ नगर (बापू नगर विस्तार) में राधा अष्टमी इस्कॉन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद भक्त।
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