☜ Click Here to Star Rating


चित्तौड़गढ़ जिले में नकली नोट के साथ पकड़े गए आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चैट जीपीटी से नकली नोट बनाने का तरीका सीखा था।

.

इसके बाद प्रिंटर समेत अन्य सामान ऑनलाइन खरीदा। फिर एक कमरा किराए पर लेकर नकली नोट छापने का काम शुरू किया।

पुलिस के अनुसार-आरोपियों ने पहली बार ही नकली नोट छापे थे। उनके पास से करीब 30 नोट मिले थे, हालांकि इससे पहले वे करीब 5 नोट मार्केट में खर्च कर चुके थे।

विजयपुर थानाधिकारी प्रभुसिंह चुंडावत ने बताया- नकली नोट चलाते हुए 17 सितंबर को कोतवाली थाना क्षेत्र से आसिफ अली (27) पुत्र नूर मोहम्मद और आदिल खान (27) पुत्र अब्दुल गफूर खान निवासी सारोला, झालावाड़ के साथ ही शाहनवाज खान (27) पुत्र मंसूर अहमद, निवासी कैथून, कोटा को पकड़ा था।

आरोपियों के पास से 500-500 रुपए के नकली नोट बरामद हुए थे। मामले की जांच कोतवाली से विजयपुर थानाधिकारी को सौंपी गई।

तीनों आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने 17 सितंबर को किया था गिरफ्तार।

तीनों आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने 17 सितंबर को किया था गिरफ्तार।

पुलिस के अनुसार- गिरोह का मास्टरमाइंड आसिफ है। उसके पास से 500 रुपए के 13 नकली नोट मिले थे। वहीं, आदिल से 500 रुपए के 6 और शाहनवाज से 500 रुपए के 11 नकली नोट बरामद किए गए थे। तीनों के पास से करीब 15 हजार रुपए के नकली नोट मिले, सभी नोट एक ही सीरीज के थे।

किराए के कमरे में छाप रहे थे नकली नोट थानाधिकारी ने बताया- झालावाड़ में आरोपियों ने अपने ही गांव सारोला के दूसरे मोहल्ले ने किराए पर एक कमरा लिया था। मकान मालिक को कह रखा था कि वे ऑनलाइन कंप्यूटर का काम करते हैं। पुलिस ने मौके से प्रिंटर, खास किस्म का पेपर, इंक, केमिकल, हरी टेप, सांचा (फॉरमेट), और वाटरमार्क तैयार करने का लकड़ी का फ्रेम बरामद किया।

फिलहाल तीनों आरोपियों से विजयपुर थाना पुलिस पूछताछ कर रही है।

फिलहाल तीनों आरोपियों से विजयपुर थाना पुलिस पूछताछ कर रही है।

ऑनलाइन सामान मंगवाया पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने नकली नोट तैयार करने के लिए ज्यादातर सामान ऑनलाइन खरीदा था। इसमें प्रिंटर, पेपर और अन्य सामान शामिल था। आरोपियों ने बताया कि चैट जीपीटी और सोशल मीडिया पर नकली नोट तैयार करने का पूरा तरीका सीखा, फिर उसका प्रयोग करते हुए नकली नोट तैयार किए। आसिफ अली ने 12वीं तक पढ़ाई की है। आदिल BA पास है, जबकि शाहनवाज12वीं पास है।

नकली नोट से छोटे दुकानदारों से करते थे खरीदारी पूछताछ में आरोपियों ने बताया- नकली नोट चलाने के लिए वे चित्तौड़गढ़ शहर में पावटा चौक और उसके आसपास का इलाका चुनते थे। यहां पर रेहड़ी-ठेले लगाने वाले, सब्जी बेचने वाले, बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोगों को टारगेट बनाते थे। 500 रुपए के नोट देकर सामान खरीदते थे। इस तरह वे बाजार में नकली नोट खपाते थे।

पहचान वाले इलाकों में नकली नोट नहीं चलाते थे। आने-जाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक का इस्तेमाल करते थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ में भी एक रूम किराया पर ले रखा था।

………………

ये खबर भी पढ़िए…

चित्तौड़गढ़ में नकली नोट से सामान खरीद रहे 3 पकड़े:एक ही सीरीज की फेक करेंसी बरामद हुई, 3 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी

चित्तौड़गढ़ में नकली नोट गैंग का पर्दाफाश:500-500 के 30 फर्जी नोटों के साथ 3 बदमाश गिरफ्तार



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading