अजमेर में सेवन वंडर को तोड़ने की कार्रवाई का आज सोमवार को चौथा दिन है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर इसका निर्माण किया गया था। चार अजूबों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। वहीं ताजमहल व एफिल टावर को हटाने की कार्रवाई जारी है।
जबकि पीसा की झुकी हुई मीनार को तोड़ना अभी बाकी है। यहां का मलबा भी हटाने का काम शुरू कर दिया है। सेवन वंडर की चारदीवारी भी हटाने और यहां की खुदाई कर पूर्व की यथास्थिति में लाने की योजना में अजमेर विकास प्राधिकरण ने बनाई है।

सुप्रीम कोर्ट में 17 सितम्बर तक हटाने का एफिडेविड प्रशासन ने दे रखा है और चारदीवारी भी सेवन वंडर निर्माण में शामिल है। इसे भी हटाया जाएगा।
बता दें कि पहले दिन (12 सितंबर) रोम के कोलोसियम को ध्वस्त किया गया। दूसरे दिन (13 सितंबर) मिस्र के पिरामिड, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और क्राइस्ट द रिडीमर को हटाने की कार्रवाई की गई। तीसरे दिन (14 सितम्बर) एफिल टावर व ताजमहल को हटाने का काम जारी था।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आनासागर वेटलैंड में बने इन वंडर्स को अवैध घोषित किया था। इसलिए, अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) इन 7 अजूबों को गिराने की कार्रवाई कर रहा है। इनका निर्माण साल 2022 में लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से हुआ था।

पढें ये खबर भी…
बिना मंजूरी पांच महीने पहले बनने लगे थे ये अजमेर के 7 अजूबे, करोड़ों रुपए बर्बाद, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं, एडीए से NOC भी निर्माण के बाद ली, फाइल भी गुम
- अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 11 करोड़ की लागत से बनाए गए सेवन वंडर को तोड़ा जा रहा है। दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल की। सामने आया कि प्रोजेक्ट में शुरुआत से ही लापरवाही बरती गई। स्वीकृति मिलने से पांच महीने पहले टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया। (पूरी खबर पढें)
Matters:
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments