![]()
प्रशासन शहरों के संग अभियान की तर्ज पर शुरू किए भजनलाल सरकार ने शुरू किए शहरी सेवा शिविर में अब जाकर आमजन को आज से छूट और रियायते देना शुरू किया है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने एक अधिसूचना जारी करके शहरी सरकार में हाेने वाले कई काम जो आमजन
अधिसूचना के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति अपनी जमीन, मकान की बकाया लीज राशि के साथ वनटाइम (8 साल) या फ्री होल्ड (10 साल) की राशि एकमुश्त जमा करवाता है तो उसकी बकाया पर लगी ब्याज को 100 फीसदी माफ करने के साथ-साथ बकाया लीज के मूल में से भी 60 फीसदी राशि माफ कर दी जाएगी।
उदाहरण के तौर पर किसी मकान की एक साल की लीज राशि 10 हजार रुपए है। उसका 15 साल की लीज बकाया है। अगर वह फ्री होल्ड लीज डीड लेना चाहता है तो उसे मौजूद वित्तवर्ष तक 1 लाख 50 हजार रुपए बकाया लीज के साथ जो ब्याज लगा है वह देना पड़ता है। इसके अलावा अगर फ्री होल्ड लीज डीड के लिए 1 लाख रुपए (10 साल की लीज राशि) और देनी पड़ती है। लेकिन इस छूट के बाद अगर वह व्यक्ति फ्री होल्ड लीज डीड लेता है तो उसे केवल 1 लाख 60 हजार रुपए ही देने पड़ेंगे।
लीज पर छूट किन-किन भूखंडों पर इसका उल्लेख नहीं
इस आदेश में बकाया लीज पर छूट का लाभ किस उपयोग के भूखंड पर मिलेगा, इसका कोई उल्लेख नहीं है। आवासीय उपयोग के भूखंडों या मकान के अलावा लीज राशि कॉमर्शियल और संस्थानिक भूखंडों पर भी लगती है। इनका भी फ्री होल्ड पट्टा सरकार जारी करती है।
इन पर भी छूट
- अगर कोई भूखंड जो नीलामी या लॉटरी के जरिए स्थानीय निकाय (यूआईटी, विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, नगरीय निकाय) ने आवंटित किया। उस भूखंड पर निर्धारित समयावधि में भवन का निर्माण नहीं किया है तो उक्त भूखंड मालिक पुर्नग्रहण शुल्क 31 दिसंबर तक जमा करवाता है तो उसे 31 मार्च 2027 तक निर्माण करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
- इन केस में अगर भूखंड आवासीय है तो 250 वर्गमीटर तक के भूखंड पर लगने वाले पुर्नग्रहण शुल्क पर 75 फीसदी, 251 से 500 वर्गमीटर तक के भूखंड पर 50 फीसदी और 501 से 1000 वर्गमीटर तक के भूखंड पर 25 फीसदी की छूट मिलेगी।
- जबकि इस केस में संस्थानिक और वाणिज्यिक उपयोग के भूखंड पर लगने वाले शुल्क में कोई छूट नहीं मिलेगी।
- एग्रीकल्चर जमीन पर बसी कॉलोनियों जिनके पूर्व में नियमन हो चुका है और उनमें कॉलोनियों में कई भूखंडधारियों ने पट्टे नहीं लिए है तो उनको इन शिविर में लगने वाले कैंप में ब्याज पर 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। यानी उनको भूखंड का पट्टा मौजूदा दर पर ही दिया जाएगा, उस पर कोई ब्याज राशि नहीं ली जाएगी।
- अगर कोई व्यक्ति अपने मकान के निर्माण की अनुमति लेता है तो उसे जी प्लस 1 मंजिल तक मकान निर्माण की स्वीकृति पर भवन मानचित्र शुल्क में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। यानी अब उसे नक्शा स्वीकृति शुल्क केवल 30 रुपये प्रति वर्गमीटर देना होगा
उपविभाजन व पुनर्गठन शुल्क पर छूट
- आवासीय मकानों के उपविभाजन और पुनर्गठन पर लगने वाले शुल्क में 75 फीसदी तक छूट दी है। इसके तहत 250 वर्गमीटर तक के भूखंडर पर लगने वाले शुल्क 75 रुपए प्रति वर्गमीटर की जगह अब 19 रुपए लगेंगे।
- इसी तरह 251- 500 वर्गमीटर तक 38 प्रति वर्गमीटर और 501 से 1000 वर्गमीटर तक 57 रुपए प्रति वर्गमीटर का शुल्क लिया जाएगा।
बिना रजिस्ट्री करवाए खरीदे गए भूखंडों के पट्टे देने पर पेनल्टी माफ ऐसी कॉलोनियां जो कृषि भूमि पर बसी हुई हैं और उनका पहले नियमन कैंप लग चुका है। इन कॉलोनियों में यदि कोई भूखंड बिना रजिस्ट्री करवाए एक बार या उससे अधिक बार बिक चुका है। तो ऐसे उस भूखंड को आखिरी बार खरीदने वाले व्यक्ति को उस भूखंड का पट्टा देते समय पेनल्टी 100 फीसदी माफ कर दी जाएगी। हालांकि उस व्यक्ति को निकाय से पट्टा जारी हाेने के बाद उस पट्टे को 2 फीसदी स्टाम्प ड्यूटी और 0.25 फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क देकर रजिस्टर्ड करवाना होगा।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments