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अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील में डाले जा रहे नाले के गंदे पानी को लेकर एनजीटी ने सख्त रवैया अपनाया है। एनजीटी की ओर से नगर निगम पर 38 करोड़ 70 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। 60 दिन में नगर निगम को यह राशि जमा करवानी होगी। जमा नहीं करवाने पर

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भारतीय पब्लिक लेबर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल साहू ने बताया कि अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील में पिछले कुछ दिनों से दुर्गंध फैल रही है। जिसके कारण पर्यावरण को भी खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते बीमारी भी फैल रही थी।

इसे लेकर वह मार्च 2023 में एनजीटी परिवाद लगाया था। जिस पर एनजीटी ने सुनवाई करते हुए इस प्रकरण को दर्ज कर लिया था।

एनजीटी की ओर से नगर निगम पर 38 करोड़ 70 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। 60 दिन में नगर निगम को यह राशि जमा करवानी होगी।

एनजीटी की ओर से नगर निगम पर 38 करोड़ 70 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। 60 दिन में नगर निगम को यह राशि जमा करवानी होगी।

साहू ने बताया कि इस प्रकरण को एनजीटी ने भोपाल बेंच में ट्रांसफर किया था। जिस पर नगर निगम के अधिकारियों ने एफिडेविट देकर बताया कि आनासागर में जाने वाले सभी नालों को पैक कर दिया गया है। एनजीटी की ओर से एक टीम का गठन किया गया। जिसमें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और राजस्थान पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम शामिल थी।

टीम की ओर से 30 जुलाई 2025 को सर्वे किया गया। टीम ने निरीक्षण कर पाया कि 13 नाले आनासागर में गिरते हुए पाए गए। टीम की ओर से यह रिपोर्ट सबमिट की गई।

साहू बताया कि 16 अप्रैल 2025 को एनजीटी की ओर से यह आर्डर किया गया। जिसमें 38 करोड़ 70 लाख 75000 का जुर्माना नगर निगम पर लगाया गया है। अगर 60 दिन में यह राशि जमा नहीं करवाई गई तो डेढ़ परसेंट पेनल्टी हर महीने लगाई जाएगी।



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