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देश की प्रतिष्ठित सैन्य कमानों में से एक भारतीय सेना की दक्षिणी कमान द्वारा नसीराबाद छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिश गुप्ता को जीओसी इन चीफ कमेडेशन कार्ड (प्रशस्ति कार्ड) से सम्मानित किया गया है।

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छावनी सीईओ डॉ. गुप्ता को यह सम्मान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ जी.ओ.सी.-इन-सी, दक्षिणी कमान द्वारा एक सैन्य समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें सेना के ब्रिगेडियर, कर्नल, मेजर सहित कई वरिष्ठतम अधिकारी मौजूद थे। क्या है जीओसी इन सी कमेडेशन कार्ड जीओसी इन चीफ कमेडेशन कार्ड भारतीय सेना का एक उच्चस्तरीय सम्मान है, जो सेना या सिविल सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों को उनके असाधारण योगदान, कार्य में उत्कृष्टता तथा सैन्य-सिविल समन्वय को सशक्त बनाने वाले प्रयासों के लिए प्रदान किया जाता है। सम्मान का महत्त्व इसलिए भारतीय सेना में जीओसी इन चीफ का पद सेना प्रमुख के बाद दूसरा सबसे बड़ा पद माना जाता है। वर्तमान में भारत में 7 जीओसी इन चीफ हैं, जिनमें से 6 ऑपरेशनल और 1 ट्रेनिंग कमांड के अधीन हैं। ऐसे में किसी सिविल अधिकारी को इस स्तर पर सम्मानित किया जाना अहम है। इसलिए मिला सीईओ डॉ. को सम्मान छावनी सीईओ डॉ. नितिश गुप्ता का प्रशासनिक मॉडल पारदर्शिता, तत्परता और योजनाबद्ध विकास पर आधारित रहा है। उन्होंने नसीराबाद छावनी को “मॉडल कैंटोनमेंट” की दिशा में अग्रसर करने का कार्य किया है। नसीराबाद छावनी ने विकास, स्वच्छता, पर्यावरण सुधार, और जनकल्याण के क्षेत्र में कई अभिनव और अनुकरणीय पहलें की हैं। उनके कार्यकाल में छावनी क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेमिसाल उपलब्धियां दर्ज की गईं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया गयाद्ध हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के तहत वृक्षारोपण और हरित ज़ोन को प्राथमिकता दी गई और जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन किया गया, जिससे नागरिकों को सीधे लाभ मिला।

(इनपुट-सुधीर मित्तल व रियाज अहमद)



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