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-राजसमंद में रावण के पुतले निर्माण में लापरवाही के बाद नगर परिषद ने लिया एक्षन, निर्माण ठेकेदारों का भुगतान रोका।
राजसमंद में विजयादशमी पर नगर परिषद की ओर से आयोजित रावण दहन कार्यक्रम अब विवादों में घिर गया है। शहरवासियों की शिकायतों और आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद प्रशासन ने रावण का पुतला बनाने वाले ठेकेदार और आतिशबाजी ठेकेदार को नोटिस जारी किए है
स्पष्टीकरण देने के निर्देश
नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय के अनुसार पुतलों का निर्माण करने वाली ठेकेदार आरती बहारवानी (राजनगर) को आम नागरिकों से मिली शिकायतों के आधार पर नोटिस दिया गया है। आरोप है कि पुतलों की ऊंचाई तय मानदंडों के अनुसार नहीं थी, कपड़े फट गए थे और निर्माण में लापरवाही बरती गई। उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
पटाखा कंपनी पर भी कार्रवाई
इसी तरह आतिशबाजी की व्यवस्था करने वाले ठेकेदार एटीट्यूड फायर वर्क्स, राजनगर के सुरेश कुमार रैगर को भी नोटिस जारी किया गया है। शिकायतों के अनुसार पटाखों की गुणवत्ता सही नहीं थी और आतिशबाजी कम ऊंचाई पर ही फट रही थी। दोनों ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए नगर परिषद सभापति अशोक टांक की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा।
इस बीच, दशहरा आयोजन के दौरान राजनगर में रावण दहन के वक्त भीड़ के बीच अचानक दो सांड़ घुसने से अफरातफरी का माहौल बन गया। इस पर नगर परिषद ने जमादार गोपाललाल को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन काल में उन्हें निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा।
इसके साथ ही मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक गिरीराज गर्ग और स्वास्थ्य निरीक्षक विनोद जावा को 17 सीसी का नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में जवाब मांगा गया है। दोनों पर दशहरा पर्व पर जारी की गई ड्यूटी में लापरवाही का आरोप है।
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