धौलपुर के बाड़ी सब डिवीजन में मिले ट्रांसफार्मर व तार।
प्रदेश के 10 जिलों के 20 विधानसभा क्षेत्र के करीब 40 सबडिवीजन बिजली चोरी के गढ़ बन गए हैं। यहां अवैध ट्रांसफार्मर व लाइन डालकर धड़ल्ले से अवैध बिजली सप्लाई ली जा रही है। कई जगह एचटी लाइन पर ही सिंगल फेज अवैध ट्रांसफार्मर लगाकर खेतों की सिंचाई की जाती ह
ऐसे में विधानसभा क्षेत्र देखें तो चिकित्सा मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर के लोहावट विधानसभा क्षेत्र के मतोड़ा व लोहावट और खींवसर विधानसभा के खींवसर व मूंडवा क्षेत्र में सप्लाई की 35 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो जाती है। हालांकि, खींवसर से विधायक रेवंतराम डांगा हैं। ऐसे ही गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के क्षेत्र नगर और कामां से भाजपा विधायक नौक्षम के क्षेत्र में 38 प्रतिशत चोरी है। डीग से भाजपा विधायक शैलेंद्र दिगंबर सिंह के क्षेत्र में तो 40 फीसदी तक चोरी हो रही है।
हनुमान बेनीवाल के नागौर लोकसभा क्षेत्र के सब डिवीजनों में 22%, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के टोंक में करीब 33%, भाजपा विधायक भैराराम सियोल के ओसियां, मथानिया, बावड़ी सब डिवीजन में 34%, विधायक ऋतु बानावत के बयाना में 30% बिजली चोरी है।
कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा के निर्वाचन क्षेत्र राजाखेड़ा में भी डिस्कॉम ने ऑपरेशन ततैया चला कर बिजली चोरी पकड़ी। जोधपुर ग्रामीण में 34.89%, बीकानेर ग्रामीण में 31.78% बिजली चुराई जा रही है। ये केंद्रीय मंत्रियों गजेंद्रसिंह शेखावत व अर्जुन मेघवाल के क्षेत्र हैं। भरतपुर सांसद संजना जाटव और करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव के लोकसभा क्षेत्र में भी ऐसा ही है।
राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण नहीं हो पाती कार्यवाही
कई जगह विधायक बदल गए, लेकिन बिजली चोरी की धरपकड़ के बाद लोग नए विधायकों के पास जाकर दबाव बनाते हैं। विधायक इंजीनियरों को कहते है कि पूर्व विधायक हार गया तो अब कार्रवाई कर मेरे खिलाफ जनता को भड़का रहे हो। वहीं, कई क्षेत्रों में विधायक व सांसद की सिफारिश पर लगे इंजीनियर कार्यवाही करने से पहले जनप्रतिनिधियों को बताते हैं। ऐसे में छीजत का आंकड़ा कम नहीं हो रहा है। पिछले दिनों कुछ क्षेत्र विशेष में विजिलेंस चैकिंग का कई जनप्रतिनिधियों ने विरोध भी किया।
…और 8 माह में 445 करोड़ यूनिट बिजली का लॉस, यह 1700 करोड़ की प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष के पिछले 8 महीने में 445 करोड़ यूनिट का लॉस (हानि) हुई है। प्रदेश में 4385 करोड़ यूनिट सिस्टम से ली गई, लेकिन बिलिंग 3940 करोड़ यूनिट बिजली की ही हुई। यह करीब 1700 करोड़ रुपए कीमत की है। वहीं, हर साल औसतन 2200 करोड़ रुपए की बिजली का राजस्व नहीं मिलता है।
यहां भी 35 फीसदी से ज्यादा चोरी खींवसर, मूंडवा, नागौर ग्रामीण, ओसियां, मथानियां, बावड़ी, भोपालगढ़, फलौदी सर्किल के बाप, मतौड़ा, लोहावट सबडिवीजन में 35 प्रतिशत से ज्यादा छीजत है।
अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन ‘ऊर्जा प्रहार’ पिछले दिनों जयपुर डिस्कॉम व झालावाड़ पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए पहली बार मादक पदार्थों के तस्कर, हार्डकोर अपराधियों की ओर से की जा रही बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की। आधी रात को शुरू हुए ऑपरेशन ऊर्जा प्रहार में अपराधियों के 700 स्थानों पर कार्यवाही करते हुए 371 ठिकानों पर बिजली चोरी पकड़ी। झालावाड़ में 41% चोरी होती है।

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