जिला परिषद के नवीन सभागार में अधिकारियों की मीटिंग लेते जिले के प्रभारी मंत्री हीरा लाल नागर।
ऊर्जा मंत्री और टोंक जिले के प्रभारी मंत्री हीरा लाल नागर ने कहा कि इस अतिवृष्टि में प्रभावित हुए परिवारों को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार द्वारा अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य व्यापक स्तर पर कि
मंत्री नागर ने रविवार को जिला मुख्यालय के नवीन जिला परिषद सभागार में अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों के हालात और राहत कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इसके बाद मीडिया से बातचीत की।
मंत्री नागर ने कहा कि टोंक में भी अतिवृष्टि से फसलों और संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है। कलेक्टर समेत अन्य अधिकारियों को जल्द अतिवृष्टि प्रभावित लोगों को जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए ।

समीक्षा बैठक में मौजूद मंत्री नागर समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी।
37 करोड़ से गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के निर्देश बैठक में मंत्री नागर ने अतिवृष्टि के दौरान क्षतिग्रस्त हुई परिसंपतियों के रिपेयर व रेस्टोरेशन के लिए जिले को मिली 37 करोड़ रुपए की राशि से गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर कल्पना अग्रवाल को अन्य आवश्यक परिसंपतियों के प्रस्ताव भी भिजवाने के निर्देश दिए, जिससे ये संपतियां लंबे समय तक सुरक्षित रहे।
प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता से लोगों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आर्थिक क्षति हुई है, उनके मुआवजा स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाई जाएं। प्रभारी मंत्री ने अतिवृष्टि के कारण जिले के किसानों के फसल खराबे पर विशेष जोर देते हुए कहा कि गिरदावरी का पारदर्शिता एवं तेजी से पूरा करें। उन्होंने वर्षा से क्षतिग्रस्त स्कूलों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केन्द्रों की शीघ्र मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। साथ ही क्षतिग्रस्त मार्गों के बारे में भी जानकारी लीं।
इस दौरान देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर, निवाई-पीपलू विधायक रामसहाय वर्मा, जिला प्रमुख सरोज बंसल, कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना, जिलाध्यक्ष चन्द्रवीर सिंह चौहान, देवली प्रधान बनवारी लाल जाट समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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