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भाजपा नेता कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द किए जाने से खाली हुई बारां जिले की अंता सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव बड़ा रोचक होने की संभावना है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समर्थक कंवरलाल मीणा इससे पहले मनोहरथाना सीट से विधायक चुने गए थे। पिछले चुनाव में उ
कांग्रेस इस सीट पर एक बार फिर भाया या उनकी पत्नी को उतारती है तो नरेश मीणा यहां से मोर्चा खोल सकते हैं। क्योंकि, इससे पहले वे देवली-उनियारा सीट के उपचुनाव में उतर चुके हैं। जहां से भाजपा जीती और कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही। नरेश को 59 हजार से ज्यादा वोट मिले। इसी तरह विधानसभा चुनाव में छबड़ा से निर्दलीय उतरे नरेश से 43 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे। उधर, भाजपा में पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी का नाम चल रहा है। और भी कई नेता कतार में हैं। इसलिए, इस सीट पर होने वाला मुकाबला बड़ा दिलचस्प होगा।
मतदाता सूचियां तैयार, पहले से वोट बढ़े
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के कंवरलाल मीणा को 87,390 वोट और कांग्रेस के प्रमोद जैन को 81,529 वोट मिले थे। मीणा ने 5,861 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। आप सहित 11 और प्रत्याशी मैदान में थे। यहां पर कुल 80.35 प्रतिशत मतदान हुआ था। कुल 2,16,989 मतदाताओं में से 1,74,348 मतदाताओं ने वोट डाले। इनमें महिलाएं 82,459 और पुरुष 91,887 थे। अब एक अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन के वक्त अंता में 2,27,563 वोटर हैं। जिनमें 1,16,405 पुरुष, 1,11,154 महिला और 4 अन्य वोटर हैं। यानि करीब 10 हजार 574 वोट बढ़े हैं।
अब तक 7 सीटों पर उपचुनाव में 5 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में आठवां उपचुनाव होगा। अब तब सात खींवसर, देवली-उनियारा, झुंझुनूं, दौसा, चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। इनमें से भाजपा ने पांच सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। क्योंकि, भाजपा ने तीन सीटें देवली-उनियारा, झुंझुनूं, रामगढ़ कांग्रेस एवं एक सीट खींवसर आरएलपी से छीनी थी। अपनी सलूंबर सीट को बरकरार रखा। कांग्रेस दौसा और बीएपी अपनी चौरासी सीट बचाने में कामयाब रही।
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