जयपुर में लेबर इंस्पेक्टर की हत्या के पीछे नए चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। RAC के जवान को शक था कि सगाई करवाने वाले लेबर इंस्पेक्टर के मंगेतर के साथ अवैध संबंध है। आरएसी जवान ने सोमवार देर रात पूर्व मंगेतर को कॉल कर कहा था कि बैग में मैंने राइफल औ
एडिशनल डीसीपी (वेस्ट) आलोक सिंघल ने बताया- बगरू के वाटिका में इंफोटेक सिटी निवासी शंकर लाल बलाई (40) की हत्या की गई है। साल-2018 में उनकी सरोज से शादी हुई थी। उनके 4 साल और 11 महीने के दो बेटे हैं। वह जयपुर में लेबर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।

शंकर लाल बलाई जयपुर में लेबर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।
अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम…
कैब से पहुंचा था लेबर इंस्पेक्टर के घर घटनाक्रम के मुताबिक, मंगलवार सुबह 6:30 बजे शंकर लाल अपने घर के अंदर ब्रश कर रहे थे। उनके दोनों बच्चे कमरे में सो रहे थे। पत्नी सरोज पास ही कॉलोनी में दूध लेने गई थी। इस दौरान दिल्ली में तैनात RAC जवान अजय कटारिया (32) टैक्सी कार से घर आया। घर के सामने की तरफ टैक्सी खड़ी की। कार में ड्राइवर के बैठे होने के दौरान वह शंकर लाल के घर पर पहुंचा। शंकर लाल ब्रश करते-करते मेन गेट से बाहर आए।
10 मिनट तक आपस में कहासुनी घर के मेन गेट पर दोनों की कहासुनी हुई। इसके बाद कार में रखी एसएलआर राइफल को अजय निकालकर लाया। राइफल के तानते ही शंकर लाल बचने लिए पास ही खाली प्लाॅट से होकर भागा। पीछा करते हुए आरएससी जवान ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। फायर करते हुए शंकर लाल को दौड़ाते हुए घर से करीब 20 मीटर दूर तक ले गया। राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग से शंकर लाल के पीठ, गर्दन और जांघों में गोलियां लगी और निढाल होकर सड़क पर गिर गए।
ड्राइवर भागा, कार लेकर पहुंचा थाने अचानक फायरिंग करते देखकर डर के मारे टैक्सी कार छोड़कर ड्राइवर भाग निकला। ड्राइवर ने भागकर करीब 100 मीटर दूरी पर कॉलोनी के गेट पर सिक्योरिटी गार्ड को घटना के बारे में बताया। मदद करने की कहने पर सिक्योरिटी गार्ड उसके साथ भागकर आया। अजय कटारिया टैक्सी कार को लेकर निकल चुका था।

घर से 20 मीटर दूर शंकर लाल की लाश पड़ी मिली। इसे गोलियों से भून दिया गया था।
पड़ी मिली रोड पर लाश मौके पर पहुंचने पर बीच सड़क पर लहूलुहान हालत में शंकर लाल की लाश पड़ी हुई थी। शव के आस-पास और खाली प्लॉट में कारतूस के खाली खोल पड़े हुए थे। कार को बैक लेते समय अजय ने पहली बार दीवार में टक्कर मारी, उसके बाद पास ही खड़ी एक कार को। टैक्सी कार को लेकर वहां से फरार हो गया। बगरू थाना पुलिस मर्डर की सूचना पर मौके पर पहुंची। पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से सबूत जुटाए।
गोलियां की आवाज सुनकर भागे पड़ोसी फायरिंग की आवाज सुनकर आस-पास के घरों के बाहर मौजूद पड़ोसी अंदर भाग गए। कॉलोनी में फायरिंग होने पर दहशत का माहौल फैल गया। गोलियां चलने की आवाज सुनकर कुछ दूरी पर रहने वाले सीताराम गोरा बाहर निकलकर आए।
सीताराम गोरा ने बताया- सड़क पर व्यक्ति की लाश पड़ी देखकर मौके पर पहुंचे। पास पहुंचकर देखने पर लहूलुहान हालत में शंकर लाल का शव पड़ा था। उनके पीछे-पीछे ही शंकर लाल की पत्नी भी मौके पर पहुंच गई। पति की लाश को देखकर फूट-फूटकर रोने लगी। इसे स्थानीय लोगों की मदद से घर ले गए।
एसएचओ फुलेरा चंद्र प्रकाश यादव ने बताया-

आरएसी जवान अजय कटारिया सुबह करीब 7:45 बजे टैक्सी कार लेकर फुलेरा थाने पहुंचा। थाने में पहुंचने पर उसके हाथ में एसएलआर राइफल थी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया- वह वाटिका में शंकर लाल बलाई की हत्या करके आया है। उसने एसएलआर से करीब 8 से 10 फायर कर शंकर लाल काे भून डाला है। उसकी हत्या करने के बाद सरेंडर करने के लिए आया है।

पुलिस कमिश्नरेट से पता करने पर हत्या का मामला सही निकला। फुलेरा पुलिस ने उसे राउंड अप कर एसएलआर जब्त कर ली।

घटना वाली जगह पर गोलियों के खोल पड़े मिले।
दिल्ली से हत्या करने आया जयपुर फुलेरा थाना पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि अजय कटारिया (32) दिल्ली में आरएसी की 12वीं बटालियन में पोस्टेड है। सोमवार को ही उसने शंकर लाल बलाई की हत्या करने की ठान ली थी। दिल्ली से रात को बस में बैठकर मंगलवार सुबह सिंधीकैंप बस स्टैंड आया। बस स्टैंड पहुंचने पर सुबह करीब 5:30 बजे उसने कैब बुक की। टैक्सी कार में बैठकर बगरू के वाटिका स्थित शंकर लाल के घर जा पहुंचा।
बैग में फोल्ड कर लाया था राइफल पूछताछ में सामने आया है कि वह बैग में एसएलआर राइफल को फोल्ड कर छिपाकर लाया था। सिंधीकैंप बस स्टैंड से बगरू आने के दौरान ही बैग में रखी उसने एसएलआर को कार में निकाला। चलती कार के अंदर ही एफएलआर राइफल को जोड़कर रख लिया था।

बगरू के वाटिका में इंफोटेक सिटी निवासी शंकर लाल बलाई परिवार के साथ रहते थे।
अब जानिए- हत्या करने के बाद क्या बोला…
पूर्व मंगेतर को कॉल कर था बताया अजय का कहना है कि उसने सोमवार रात ही अपनी पूर्व मंगेतर को शंकर लाल बलाई की हत्या करने की बात बता दी थी। कॉल कर कहा था कि बैग में मैंने राइफल और 50 कारतूस रख लिए है। सुबह जाकर शंकर लाल को गोलियों से भून डालूंगा। अजय की बात को सीरियस नहीं लेने के चलते युवती ने भी किसी को भी नहीं बताई।
एसएचओ फुलेरा ने बताया-

पूछताछ में अजय ने बताया कि मार्च 2024 में जयपुर पुलिस में तैनात महिला कॉन्स्टेबल के साथ उसकी सगाई हुई थीं। उसकी सगाई शंकर लाल के ससुर ने अपनी रिश्तेदारी में लगने वाली युवती से करवाई थी। सगाई के बाद ही उसको शंकर लाल से अवैध संबंध होने का शक हो गया था। इस बात को लेकर महिला कॉन्स्टेबल से भी उसकी कई बार बहस भी हुई थी।

आमने-सामने बैठकर बातचीत करने की कहने पर पूर्व मंगेतर का कहना था कि शंकर लाल भाईजी ने बात करने के लिए मना कर दिया है। अवैध संबंध के शक को लेकर ही करीब 7 महीने बाद आपसी सहमति से सगाई टूट गई थी।
जेल भेजने की दे रही थी धमकी सगाई टूटने के बाद भी महिला कॉन्स्टेबल उसको प्रताड़ित कर रही थी। उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। शादी नहीं करने पर मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दे रही थी। पिछले काफी समय से डिप्रेशन में चल रहा था, जिसके चलते शंकर लाल की हत्या कर दी।
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जयपुर में लेबर इंस्पेक्टर को गोलियों से भूना, मौत:आरएसी जवान ने किया मर्डर, सगाई टूटने का जिम्मेदार मानता था, थाने में सरेंडर जयपुर में लेबर इंस्पेक्टर को आरएसी जवान ने गोलियों से भून दिया। इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी अजय की लेबर इंस्पेक्टर शंकर ने रिश्ते की बहन से सगाई कराई थी। लेकिन कुछ दिन में ही सगाई टूट गई थी। आरोप है रिश्ता टूटने के बाद भी युवती कि युवती शंकर लाल के कहने पर उसे परेशान कर रही थी। (पूरी खबर पढ़ें)
जयपुर में लेबर इंस्पेक्टर हत्याकांड,पिता बोले- सालभर से थी साजिश:RAC जवान की जिस महिला कॉन्स्टेबल से सगाई करवाई थी, उसी के पिता पर आरोप जयपुर में लेबर इंस्पेक्टर शंकरलाल बलाई की हत्या की साजिश एक साल पहले से रची जा रही थी। ये आरोप लेबर इंस्पेक्टर के पिता ने लगाए हैं। उनके अनुसार साजिश उस महिला कॉन्स्टेबल लड़की के पिता ने रची थी, जिसकी लेबर इंस्पेक्टर ने RAC कॉन्स्टेबल से सगाई करवाई थी। (पूरी खबर पढ़ें)
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