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जयपुर में वनकर्मियों की पिटाई से आहत युवक ने सुसाइड कर लिया। गुरुवार को वनक्षेत्र में बकरियां चराने गए युवक को वनकर्मियों ने कपड़े उतरवाकर पीटा। 2200 रुपए का चालान काट दिया।

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युवक ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया और मारपीट से आहत होकर सुसाइड करने की बात कही। पुलिस कंट्रोल रूम की सूचना पर रायसर पुलिस ने विक्रम को कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं करने पर लोकेशन निकलवाकर उसको ढूंढते हुए पहुंची तो युवक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। घटना जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के रायसर इलाके की है।

घटना की सूचना मिलते ही गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात वनक्षेत्र के रेंज ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ की। वन कर्मियों ने भागकर जान बचाई। दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण रायसर वन रेंज ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए।

शुक्रवार दोपहर उग्र भीड़ रायसर थाने पहुंची। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने पर पथराव कर दिया। एक बार तो पुलिस को भी भागना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उग्र भीड़ को हल्का बल प्रयोग करके और आंसू गैस के गोले दागकर तितर-बितर किया।

पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर करीब 18 घंटे बाद शाम 5 बजे ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। अधिकारियों ने मृत युवक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और 18 लाख रुपए मुआवजा। फोरेस्टर श्याम लाल मीना, वन रक्षक पवन कुमार जाखड़ और मुकेश कुमार यादव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सस्पेंड करने का आश्वासन दिया।

पहले देखिए- घटना की 6 तस्वीरें

हल्का बल प्रयोग कर उग्र भीड़ को थाने से बाहर करती पुलिस।

हल्का बल प्रयोग कर उग्र भीड़ को थाने से बाहर करती पुलिस।

रायसर थाने पहुंची उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जान बचाने के लिए एक बार पुलिस को भागना पड़ा।

रायसर थाने पहुंची उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जान बचाने के लिए एक बार पुलिस को भागना पड़ा।

आक्रोशित भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।

आक्रोशित भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

आक्रोशित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

आक्रोशित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

पुलिस के बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले दागने के बाद भीड़ पहाड़ियों की तरफ भाग गई।

पुलिस के बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले दागने के बाद भीड़ पहाड़ियों की तरफ भाग गई।

पुलिस को कॉल कर कहा- सुसाइड करने जा रहा हूं रायसर के कुशलपुरा गांव के रहने वाले विक्रम (26) बकरियां बकरियां चराने गया था। उसकी बकरियां चरते हुए वनक्षेत्र में पहुंच गईं। इस पर गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे दो वनकर्मियों ने विक्रम को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। विक्रम ने परिजनों को कॉल करके बकरी चराने पर चालान काटने की बात कही। दो बकरियां के 1100-1100 रुपए के चालान काटकर रसीद दे दी। गुरुवार दोपहर 3 बजे विक्रम ने पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर सुसाइड कर लिया।

रायसर वन रेंज ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण।

रायसर वन रेंज ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण।

पुलिस ने परिजनों को नहीं दी सूचना आरोप है कि पुलिस ने विक्रम के सुसाइड करने के बारे में उसके परिजनों को सूचना नहीं दी। बिना बताए ही शव को फंदे से उतार लिया। घटना पता चलने पर परिजन और ग्रामीण इकट्ठा होकर वन विभाग के गेट पर धरना देने पहुंच गए।

देर रात करीब 11 बजे ग्रामीण धरने पर बैठ गए। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के ऑफिस में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों को भी मौके से हटना पड़ा। बढ़ते तनाव को देखते हुए पूर्व विधायक गोपाल मीना और DFO भी पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत की। हालांकि वार्ता विफल रही, परिजन और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।

ग्रामीणों ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

घटना की सूचना पर पूर्व विधायक गोपाल मीना और DFO भी पहुंचे।

घटना की सूचना पर पूर्व विधायक गोपाल मीना और DFO भी पहुंचे।

पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर ग्रामीणों को खदेड़ा शुक्रवार दोपहर करीब 12:45 बजे जमवारामगढ़ विधायक महेंद्रपाल मीना वन विभाग के गेट पर चल रहे धरने में पहुंचे। विधायक वहां से रायसर थाने में पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने चले गए। आधे घंटे तक वापस नहीं लौटे। इस पर ग्रामीण भी धरनास्थल से उठकर थाने पहुंच गए।

दोपहर करीब 2:30 बजे उग्र ग्रामीण थाने के अंदर घुसकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने ग्रामीणों को काबू करने का प्रयास किया। हालत बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर और आंसू गैस के गोले दाग करके ग्रामीणों को तितर-बितर किया।

18 घंटे बाद बनी सहमति,धरना खत्म पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर करीब 18 घंटे बाद शाम 5 बजे ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। परिजनों की मांग के अनुसार मृत युवक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और 18 लाख रुपए मुआवजा। फोरेस्टर श्याम लाल मीना, वन रक्षक पवन कुमार जाखड़ और मुकेश कुमार यादव के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सस्पेंड करने का आश्वासन दिया गया।



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